एएच विश्वनाथ और अनिल बेनाके ने प्रतिबंध को बताया अलोकतांत्रिक
द न्यूज 15
बेंगलुरु। कर्नाटक में हिजाब का मुद्दा अभी ठंडा हुआ नहीं है कि कुछ हिस्सों में हिंदू मंदिरों के उत्सवों में मुस्लिम व्यापारियों के भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस मामले को लेकर भाजपा के एमएलए और एमएलसी ने ही अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इसे ने केवल गलत बल्कि अलोकतांत्रिक और पागलपन करार दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि ये सब हिंदुत्व समर्थक समूहों के इशारों पर हो रहा है।
दरअसल कर्नाटक में हाल ही में कुछ हिंदुत्व समर्थक समूहों जैसे वीएचपी, हिन्दू जागरण वैदिक, बजरंग दल और श्री राम सेना की मांग के बाद उडुपी और शिवमोग्गा में कुछ मंदिरों के मुस्लिम व्यापारियों को त्योहारों में भाग लेने से रोक रही है। इस तरह की मांग अब राज्य के दूसरे हिस्सों में भी उठने लगी है। उधर भाजपा सरकार का कहना है मंदिरों में मुस्लिम व्यापारियों पर रोक कांग्रेस सरकार के समय 2002 में लागू हुई थी।
अपनी ही पार्टी के इस निर्णय का विरोध करने वालेअनिल बेनाके मुस्लिम बहुल बेलगावी उत्तर विधानसभा से विधायक हैं। उन्होंने इस निर्णय का विरोध किया है। इस बारे में बात करते हुए कहा है कि मंदिर उत्सवों के दौरान प्रतिबंध लगाने का कोई मतलब नहीं है। हालांकि, हम तरह की चीजों को होने नहीं देंगे। यह कहना गलत है कि लोगों को हिन्दू दुकानों में ही खरीदारी करनी चाहिए न कि अन्य दुकानों में। उनका कहना है कि संविधान के तहत सभी को समान अधिकार हैं। कोई भी कहीं भी व्यापार कर सकता है और लोगों को यह तय करना होगा कि वे कहां से खरीदना चाहते हैं, बस। हम प्रतिबंध नहीं लगाएंगे।








