भूपेंद्र हुड्डा पर मानेसर लैंड स्कैम का केस चलेगा: हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 7 नवंबर 2025 को मानेसर लैंड स्कैम मामले में उनकी याचिका को खारिज कर दिया। इससे अब पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह फैसला हुड्डा के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि सीबीआई ने पहले ही उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

 

मामले का बैकग्राउंड

 

यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम जिले के मानेसर क्षेत्र में 400 एकड़ जमीन से जुड़ा है। 2005-2007 के दौरान भूपेंद्र हुड्डा मुख्यमंत्री थे। आरोप है कि उनकी सरकार ने इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान (IMT) को रद्द कर दिया और सेक्शन-6 व सेक्शन-9 के नोटिफिकेशन जारी किए, जिससे बिल्डर्स ने किसानों से जमीन औने-पौने दामों (करीब 25 लाख रुपये प्रति एकड़) में खरीद ली। बाद में 2007 में अधिग्रहण प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया, जिससे किसानों को करीब 1,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में इसकी जांच सीबीआई को सौंपी, जो इसे धोखाधड़ीपूर्ण फैसला मानती है। सीबीआई ने सितंबर 2018 में हुड्डा समेत 34 लोगों के खिलाफ 80 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को “एक-एक पाई वसूलने” का निर्देश भी दिया था।

 

हाईकोर्ट का फैसला: क्या कहा गया?

 

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान हुड्डा की याचिका (जिसमें सीबीआई कोर्ट के आरोप तय करने के आदेश को चुनौती दी गई थी) को खारिज कर दिया। कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट को वैध माना और कहा कि 2007 का अधिग्रहण रद्द करने का फैसला दुर्भावनापूर्ण था। जस्टिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे पहले अक्टूबर 2025 में कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया था और फैसला सुरक्षित रखा था, लेकिन आज अंतिम फैसला आया।

 

आरोपों का सार

 

मुख्य आरोप: हुड्डा सरकार ने बिल्डर्स के फायदे के लिए अधिग्रहण प्रक्रिया को प्रभावित किया, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ।
सीबीआई का दावा: फैसला धोखाधड़ीपूर्ण था; बिल्डर्स ने अनुचित लाभ कमाया।
हुड्डा का पक्ष: उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताया है, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।

 

आगे क्या होगा?

 

पंचकूला सीबीआई कोर्ट में आरोप तय होंगे, उसके बाद मुकदमा शुरू।
सीबीआई अनुचित लाभ की वसूली जारी रखेगी।
हुड्डा सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं, लेकिन फिलहाल केस आगे बढ़ेगा।

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