चरण सिंह
हरियाणा में कांग्रेस ने गत विधानसभा चुनाव में गुटबाजी के चलते जो सत्ता गंवा दी थी उससे सबक लेते हुए इन विधानसभा चुनाव में भूपेंद्र हुड्डा को खुलकर खेलने की छूट दे दी है। कांग्रेस हाईकमान ने शैलजा कुमारी और रणदीप सुरजेवाला को केंद्र की राजनीति करने के लिए कह दिया है। भूपेंद्र हुड्डा की रणनीति में कोई रोड़ा न बने इसलिए शैलजा कुमारी और रणदीप सुरजेवाला को स्पष्ट रूप से कह दिया गया है कि यदि उनका मन प्रचार करने के लिए हो तो वह चुनाव प्रचार में जा सकते हैं पर राजनीति उन्हें केंद्र की ही करनी होगी। मतलब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुडडा अब खुलकर खेल रहे हैं। भूपेंद्र हुड्डा के हाथ में हरियाणा विधानसभा चुनाव की कमान आने के बाद हरियाणा में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनना शुरू हो गया है। कांग्रेस की इन चुनाव में क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पांच साल तक सत्ता का मजा लूटने वाले जेजेपी के अधिकतर विधायक कांग्रेस की ओर लपक लिये हैं।
भले ही जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने आजाद समाज पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया हो, भले ही इनेलो ने बसपा के साथ गठबंधन कर लिया हो, भले ही आम आदमी पार्टी अलग चुनाव लड़ रही हो पर हरियाणा के समीकरण कांग्रेस के पक्ष में देखे जा रहे हैं। दरअसल किसान आंदोलन और पहलवान दोनों ही आंदोलन में कांग्रेस ने खुलकर साथ दिया था। किसानों और पहलवानों के साथ तो आजाद समाज पार्टी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद और इनेलो नेता अभय चौटाला भी रहे हैं पर चंद्रशेखर आजाद के किसान आंदोलन का विरोध करने वाले दुष्यंत चौटाला से हाथ मिलाने पर उनकी छवि प्रभावित हुई है। ऐसे ही इनेलो ने जिन मायावती के साथ हाथ मिलाया है उनकी छवि भी भाजपा सहयोगी की हो गई है। ऐसे में हरियाणा में कांग्रेस का बोलबाला माना जा रहा है।
दरअसल गत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस में गुटबाजी के चलते अंतिम समय में भूपेंद्र हुड्डा को आगे बढ़ाया गया था। चुनाव के समय भूपेंद्र हुड्डा के कांग्रेस छोड़ने की खबरें भी चल निकली थी। अंतिम समय में भी चुनाव की बागडोर भूपेंद्र हुड्डा को सौंपने के बावजूद कांग्रेस ९० में से ३० सीटें जीत गई थी, जबकि बीजेपी ४० सीटें जीती थी। १० सीटें जेजेपी को मिली थी। इन विधानसभा चुनाव में यह माना जा रहा है कि कांग्रेस अपने दम पर सरकार बना लेगी। दरअसल भूपेंद्र हुड्डा ने अपने कार्यकाल में न केवल खिलड़ियों को आगे बढ़ाया था बल्कि किसानों के लिए भी बढ़चढ़कर काम किया था। आज यदि हरियाणा हर खेल में आगे देखा जा रहा है और खिलाड़ियों पर पैसे की भरमार हो रही है उसका श्रेय भूपेंद्र हुड्डा को ही जाता है। भूपेंद्र हुड्डा का छवि भी भले जाट की है। साथ ही उनके बेटे दीपेद्र हुड्डा तो अपने पिता से भी भले हैं। वैसे भी विनेश फोगाट प्रकरण का फायदा भी कांग्रेस को मिल सकता है।








