भागलपुर : देखते ही देखते गंगा में समा गए कई घर

 भागलपुर। बिहार के भागलपुर में भारी बारिश से गंगा नदी उफान पर है। बाढ़ का पानी गंगा के किनारे स्थिति बने घरों तक पहुंच गया है। इस बीच भागलपुर से इस हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। गंगा किनारे बने कई देखते-देखते ही नदी में समा गए। नदी की धारा तेज होने के कारण नदी किनारे के घर बह गए। बाढ़ का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग 80 के कुछ हिस्सों में भी भर गया है, गिरे हुए पेड़ों के कारण प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं और और अधिक व्यवधान उत्पन्न हुआ है।
बताया जा रहा है कि भागलपुर के सबौर प्रखंड के मसाडू गांव का अस्तित्व अब खत्म होने के कगार पर है। गांव के 30% घर गंगा में विलीन हो चुके हैं। जबकि और 30% घर गंगा के मुहाने पर है। अगले 24 घंटे के अंदर आशंका जताया जा रहा है कि 10 से अधिक घर गंगा में विलीन हो जाएंगे। मंगलवार को महज 10 मिनट में तीन पक्का मकान गंगा में विलीन हो गया। देखते-देखते पीड़ितों के जिंदगी भर के पसीने आंसू में तब्दील हो गए।
यह तीनों घर अलग-अलग परिवार के है जिसमें राजेंद्र मंडल, नागेश्वर मंडल और श्याम सुंदर मंडल शामिल हैं। यह सभी कोई मजदूरी करता है तो कोई पशुपालन कर अपना घर का भरण पोषण करता है। पेट काटकर आशियाना बनाया था। लेकिन गंगा के घटते जलस्तर में कटाव भयावह और तेज हो गया और पीड़ितों के सपनों को बहा ले जा रहा है। अभी इलाके के लोगों में खौफ है। लोगों ने भय ही की कभी भी उसका घर गंगा में समा सकते है। अब तक की कटाव में 500 फीट जमीन गंगा में बह गया है। 50 से अधिक घर गंगा में विलीन हो चुके है। सरकारी भवन से लेकर आंगनबाड़ी केंद्र जल मीनार सब कुछ गंगा के आगोश में समा चुका है।
स्थानीय आर्यन बताते हैं कि 10 मिनट में तीन पक्का घर गंगा के आगोश में चला गया। अभी गंगा के मुहाने पर 10 से अधिक घर है। कभी और कभी का भी घर गंगा में विलीन हो सकता है। पिछले एक सप्ताह में 10 से अधिक घर गंगा में विलीन हो चुका है। 500 फीट जमीन का हिस्सा गंगा में समा चुका है। गांव का अस्तित्व खतरे में है। मसाडू गांव 30% खत्म हो चुका है। 70% बाकी है। उसमें भी 30% गंगा के मुहाने पर है। जो अगले 24 घंटे में खत्म हो जाएगा। आगे बताते हैं कि जल संसाधन विभाग पिछले एक सप्ताह से यहां काम नहीं कर रहे हैं। अगर समय रहते कटावरोधी कार्य होता तो शायद पीड़ितों के आंखों में आंसू नहीं होती और आशियाना गंगा में नहीं समाता।
बता दें कि बिहार के कई जिलों में भारी बारिश हुई है। भागलपुर में गंगा नदी का रौद्र रुप देखा जा रहा है। भागलपुर में गंगा का जलस्तर घट रहा है। लेकिन कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। गंगा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से लगभग 1.5 मीटर ऊपर है, जिससे बाढ़ का खतरा बना हुआ है। आपातकालीन टीमें प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रयास जारी रख रही हैं।

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