पहलगाम आतंकी हमले की बरसी से पहले पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने भारत के खिलाफ बड़ा फैसला किया है। पाकिस्तान ने अपने एयरस्पेस में भारतीय विमानों पर लगाए प्रतिबंध को 24 मई तक के लिए बढ़ा दिया है। पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपने-अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए थे।
पाकिस्तान का एयरस्पेस 24 अप्रैल, 2025 से भारतीय विमानों के लिए बंद है, वहीं पिछले साल 30 अप्रैल से पाकिस्तानी विमानों को भारतीय एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण ने ‘नोटिस टू एयरमेन’ (NOTAM) में कहा है,’सभी भारतीय-पंजीकृत, पट्टे पर लिए गए, वाणिज्यिक और सैन्य विमानों को 24 मई, 2026 को सुबह पांच बजे तक पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
भारत ने PAK विमानों के लिए कब तक लगाया प्रतिबंध?
यह नोटिस पिछले नोटिस की समय सीमा 24 अप्रैल समाप्त होने से कुछ दिन पहले जारी किया गया। पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लागू हुए अब लगभग एक साल हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय विमानों को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए लंबे मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं। भारत ने पाकिस्तानी विमानों को 24 अप्रैल को सुबह 5:30 बजे तक अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से रोक रखा है और इस प्रतिबंध को आगे भी बढ़ाए जाने की संभावना है।
पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए विभिन्न कदमों के तहत लगाया गया यह प्रतिबंध शुरू में 24 मई, 2025 तक था और बाद में इसे हर महीने बढ़ाया गया. हवाई क्षेत्र को पूर्व में 1999 के कारगिल संघर्ष और 2019 के पुलवामा संकट के दौरान भी बंद किया गया था।
भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ उठाए थे ये कदम
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया था। पीएम मोदी ने कहा कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। इसके अलावा दोनों देशों के बीच कारोबार पूरी तरह खत्म कर दिया गया। अटारी-बाघा बॉर्डर को तुरंत सील किया गया और भारत ने पाकिस्तानियों को जारी वीजा भी रद्द कर दिए थे। भारत ने क्लीयर कर दिया था कि दोनों देशों के बीच कोई भी संधि सीमा पार आतंकवाद के खत्म होने के बाद ही संभव है। इसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था, जिसमें नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया था, जबकि 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे।






