राम विलास
राजगीर। नगर परिषद के नोनही गांव के श्मशान घाट की भूमि को आपाधापी से अतिक्रमण किया गया है और किया जा रहा है। इस सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण करने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। उस श्मशान भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए ग्रामीणों ने कमर कस लिया है। इस बाबत नोनही गांव के पचास से अधिक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण अनुमंडल कार्यालय पहुंच कर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार ओमकेश्वर से मुलाकात कर जन हस्ताक्षरित ज्ञापन मंगलवार को सौंपा है।
पंचायत समिति सदस्य चन्द्रभूषण चौधरी, गोपाल प्रसाद, वरुण कुमार, पवित्र प्रसाद चौरसिया, सतीश प्रसाद, बृजनंदन प्रसाद, विपिन कुमार, सोनू कुमार, मनोहर राम, रामध्यान प्रसाद, हरि नारायण सिंह, राम प्रवेश प्रसाद, राजनंदन प्रसाद, आदित्य राज, राम प्रसाद महतो, राजेंद्र प्रसाद, दयानंद प्रसाद, विनोद प्रसाद, बिंदा राम, रविकांत कुमार, सोनू निगम, नवल किशोर प्रसाद, योगेंद्र राम सहित 50 से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षरित ज्ञापन में कहा गया है कि नोनही गांव में एक श्मशान घाट ( मुरदघट्टी) है। उसका खाता – 85, खसरा -78, रकवा एक एकड़ 16 डिसमिल है।
ज्ञापन के अनुसार श्मशान भूमि आसपास की जमीन से करीब दो – तीन फीट ऊंची है। श्मशान भूमि के चारो तरफ नोनही और नाहुब गांव के किसानों की कृषि भूमि है। आरोप लगाया गया है कि श्मशान भूमि पर अतिक्रमण कर मकान, दुकान, तालाब आदि बेखौफ बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं उक्त सार्वजनिक भूमि पर के फलदार वृक्ष के फल पर भी कुछ लोगों के द्वारा दावा किया जाने लगा है।
इससे ग्रामीणों और अतिक्रमणकारियों में मतभेद व तनाव बढ़ते जा रहा है। मना करने पर फौजदारी की नौबत आ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार श्मशान भूमि को यथाशीघ्र अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया तो कभी भी शांति भंग हो सकती है।
पंचायत समिति सदस्य चन्द्रभूषण चौधरी और गोपाल प्रसाद ने बताया कि राजगीर के सीओ से नोनही के श्मशान भूमि की नापी, सीमांकन और अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए दर्जनों वार अनुरोध किया गया है। लेकिन उनके द्वारा अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। ग्रामीणों द्वारा नोनही के श्मशान भूमि को मापी और सीमांकन कराकर अतिक्रमण मुक्त कराने हेतु गुहार लगाया गया है।
— श्मशान भूमि की नापी बाद किया जायेगा अतिक्रमण मुक्त
नोनही गांव के प्रतिनिधिमण्डल की बातों को अनुमंडल पदाधिकारी कुमार ओमकेश्वर द्वारा धैर्य से सुना गया। उनके द्वारा श्मशान भूमि की पैमाईश करा कर अतिक्रमण मुक्त कराने का भरोसा दिया गया है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि श्मशान भूमि की पैमाईश करा कर अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई सीओ, राजगीर द्वारा किया जायेगा






