प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे, तहसील मुख्यालयों एवं नगर पंचायतों को साढ़े 21 घंटे तथा जिला मुख्यालयों को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का शेड्यूल है। प्रदेश में विद्युत मांग रात्रि में लगभग 32 से 33 हजार मेगावाट तक पहुंच रही है. जिस मांग को पूर्ण करने के लिए उप्र. पावर कारपोरेशन दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक अनुबंधों, ऊर्जा एक्सचेंजों और विभिन्न राज्यों से ऊर्जा बैंकिंग के माध्यम से व्यापक प्रयास कर रहा।
निरंतर निर्बाध बिजली आपूर्ति कर रहा यूपीपीसीएल
अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए गए विशेष निर्देश
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ट्रांसफार्मर खराब हो तो शीघ्र आपूर्ति सामान्य करने के निर्देश
इसके साथ-साथ अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं. उपभोक्ताओं के फोन रिसीव करने और उन्हें सही जानकारी देने के भी निर्देश दिए गए. साथ ही कहा गया कि अगर कही कोई विद्युत बाधा हो तो मीडिया के माध्यम से उपभोक्ता और जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी जाए. ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त न हों इसके लिए सावधानी बरती जाए.फिर भी अगर कहीं ट्रांसफार्मर खराब हो तो कम से कम समय में आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास सुनिश्चित किया जाए।
पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर, गैंग समेत अन्य सामग्री उपलब्ध
यूपीपीसीएल के निदेशक वितरण ने बताया कि अनुरक्षण माह के माध्यम से आवश्यक सुधार के कार्य पिछले महीनों में कराए गए हैं, लेकिन फिर भी अगर कही कोई आवश्यकता हो तो तत्काल अनुरक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं. इसके लिए प्रत्येक डिस्काम को पर्याप्त धनराशि दी गई है. गर्मी में विद्युत आपूर्ति के लिए आवश्यकतानुरूप पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मरों, गैंग एवं अन्य सामग्री उपलब्ध है. भीषण गर्मी एवं अत्यधिक ए.सी. आदि उपकरणों के लोड के कारण विद्युत व्यवधान उत्पन्न होते है, जिसके कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती है. ऐसे स्थानों पर आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास सुनिश्चित किया जा रहा है.








