बजट में रेलवे के लिए 2.4 लाख करोड़ का आवंटन

रेल बजट पर देशभर की निगाहें होंगी। उम्मीद है कि इस बार रेलवे के अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और नए आधारभूत ढांचे को विकसित करने पर जोर रहेगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण संसद में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आम बजट पेश कर रही हंै। इसके साथ ही रेलवे बजट भी देश के सामने रख रही हैं। रेल बजट पर देशभर की निगाहें हैं। बजट में रेलवे के लिए २.४ लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। हीं वित्त मंत्री ने रेलवे में निजी क्षेत्रों की भागीदारी बढ़ाने की भी घोषणा की है।
उम्मीद है कि इस बार रेल बजट में रेलवे के अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और नए आधारभूत ढांचे को विकसित करने पर जोर रहेगा। वहीं प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेट्स हाई स्पीड ट्रेन को जल्दी ऑपरेशनल करने भी फोकस होगा।
सियासी घमासामन ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पूरे रेलवे सिस्टम के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए रेल बजट में २०-२५ फीसदी की बढ़ोतरी पर काम कर कर रही है। केंद्रीय बजट २०२२ में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पर ध्यान केंद्रित किया था। संभावना है कि इस वर्ष के बजट में भी यही सरकार की प्राथमिकता बनी रहेगी।
इस वर्ष रेलवे को आवंटित होने वाली धनराशि नई पटरियां बिछाने, सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, हाइड्रोजन संचालित ट्रेनों के साथ-साथ अहमदाबाद मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना को पूरा करेगी। साल २०१६ में केंद्र सरकार ने रेल बजट को आम बजट में ही मिला था। तब से रेल बजट को अलग से पेश नहीं किया जाता। केंद्रीय वित्त मंत्री ही बजट भाषण के दौरान रेलवे के लिए भी बजट पेश करते हैं।

भारतीय रेलवे के दो हालिया बड़े सकारात्मक बदलाव

भारतीय रेलवे का एक प्रमुख विकास भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ है। १६० किमी घंटा तक की गति तक पहुंचने वाली इस ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ ह। १६० किमी घंटा तक की गति तक पहुंचने वाली इस ट्रेन का निर्माण भारतीय रेलवे की इंटीग्रल कोच फैक्टरी द्वारा स्वदेशी रूप से किया गया है। इसमें ऑनबोर्ड वाई-फाई जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली और सीसीटीवी कैमरे जैसी कई आधुनिक सुविधाएं हैं। वहीं दूसरे प्रमुख विकास के तौर पर विकास भारतीय रेलवे का सुरक्षा और दक्षता में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना है। इसमें ट्रेनों और स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों का उपयोग, ट्रेनों की टक्करों को रोकने के लिए स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली पर अमल और ट्रेनों की रीयल टाइम टैकिंग के लिए जीपीएस आधारित सिस्टम का उपयोग शामिल है।

 

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