मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का समर्थन करने पर अब समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव विपक्षी पार्टियों के भी निशाने पर आ गए। इसी कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रवक्ता शादाब चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मोहन यादव पर आरोप लगे उन्होंने किस प्रकार अपने पद का दुरुपयोग किया। भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे, अखिलेश यादव अपने जातीय भाई के लिए तुंरत मैदान में आ गए, जबकि उन्होंने मुसलमानों के उत्पीड़न पर आवाज नहीं उठाई।
AIMIM नेता शादाब चौहान ने कहा कि अखिलेश यादव की जिम्मेदारी थी कि वे बीजेपी के मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार पर घेरें, मुख्यमंत्री से सवाल करने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं है. ये वक्फ कानून पर नहीं बोलते, वंदेमातरम् पर बहस होती है तो नहीं बोलते, कुरैशी भाइयों के कारोबार का मसला हो, बुनकरों का कोई मामला हो नहीं बोलते. लेकिन जब यादव की बात आते है तो समर्थन में उतर आते हैं. चाहे कथावाचक वाला मामला हो या मोहन यादव का समर्थन ये पीछे नहीं रहते।
मुसलमानों को ठगने का आरोप
सॉफ्ट हिन्दुत्त्व अपनाने का आरोप
उन्होंने कहा कि अगर हमारी बात गलत है तो हमें गलत सिद्ध करें, मुस्लिम चेहरा घोषित करें, एक दलित चेहरा भी घोषित करें, लेकिन नहीं करेंगे और सिर्फ और मुसलमानों का वोट बैंक पर कब्जा रखने का षड्यंत्र है इससे ज्यादा कुछ भी नहीं।






