क्या किसी सांसद के जनहित में उठाये गए मुद्दे देश हित में नहीं है ?क्या राघव चड्ढा आम आदमी से जुड़ा मुद्द्दा उठाकर कुछ गलत कर रहे थे ? फिर आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्य सभा में उप नेता पद से क्यों हटा दिया ? आम आदमी पार्टी ने बाकायदा राज्यसभा सचिवालय से कहा कि राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के नेता के तौर पर बोलने का मौका ना दिया जाए. यानी अब उनके राज्यसभा में बोलने की टाइमिंग पर भी कैंची चलेगी।
संसद में जनहित के उठा रहे थे मुद्दे
सूत्रों की मानें तो संसद में उनको बोलने के लिए आवंटित समय में भी कटौती होने वाली है। गौरतलब है कि बीते कुछ समय से राघव चड्ढा संसद में लोगों से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे थे, जिसमें एयरपोर्ट पर 10 रुपये की चाय से लेकर डिलीवरी बॉयज के मुद्दे शामिल हैं। ,इसी बीच उन पर यह एक्शन लिया गया है।
सूत्रों की मानें तो राघव चड्ढा पार्टी से चर्चा किए बिना कुछ मुद्दों पर बोल रहे थे। वह राज्यसभा में किन मुद्दों पर बात रखने वाले हैं, उसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। आम आदमी पार्टी ने इसको लेकर उनको चेतावनी भी दी थी. हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक उनके खिलाफ लिए गए एक्शन के पीछे कारण साफ नहीं किया गया है, लेकिन पार्टी के इस फैसले के पीछे अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन के तहत काम न करना वजह हो सकता है।
चड्ढा पर एक्शन के पीछे क्या वजह?
सियासी गलियारों में इस तरह की चर्चाएं लंबे समय से चल रही हैं कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। यही नहीं हाल ही में जब आम आदमी पार्टी मुखिया और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के शराब कांड मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने पर भी राघव चड्ढा की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया था।







