अवसाद में चल रहे व्यक्ति ने गोली मारकर कर दी अपनी पत्नी-बेटे और दो पंडितों की हत्या, खुद का हो गया एनकाउंटर
पत्नी के साथ रेप और भाई की हत्या और खुद के अपहरण होने के बाद कहीं कोई सुनवाई न होने पर अवसाद में चला गया था अरविन्द
पट्टीदारों के परिवार पर बरपाया कहर, अवसाद को समझ लिया गया भाई की प्रेत आत्मा
प्रेत आत्मा को भगाने के लिए पूजा पाठ और कर्मकांड कर रहे थे पंडित
चरण सिंह
देश में समस्याओं को हल कराने के बजाय एनकाउंटर का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। कई मामले ऐसे सामने आ रहे हैं कि ख़राब हो चुके सिस्टम ने परिवार के परिवार बर्बाद कर दिए हैं। समस्या की जड़ में जाए बिना एक्शन हो जाता है। आजगमगढ़ में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। पट्टीदारों के कहर और कहीं से न्याय न मिलने का दुष्प्रभाव इतना हुआ कि एक परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गया। कहीं से कोई सुनवाई न होने पर अवसाद में गए इस एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी बेटे और दो पंडितों की हत्या कर दी और खुद एककाउंटर में मारा गया।
दरअसल आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव के अरविंद सिंह के साथ जो हुआ वह न केवल दर्दनाक है बल्कि सिस्टम पर भी उंगली उठा रहा है। जानकारी के अनुसार 2017 में अरविंद के पट्टीदारों ने उसकी पत्नी के साथ रेप कर दिया। 2018 में उसके भाई की हत्या कर दी। उसे कई महीनों तक बंधक बनाकर तमाम यातनाएं दी। अरविंद न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाता रहा पर उसे न्याय न मिला। अरविंद की मां का कहना है कि हर जगह से दुत्कारे जाने के बाद वह मानसिक अवसाद में चला गया था।
दरअसल अरविन्द के अवसाद में जाने के बाद किसी ने बताया कि उस पर उसके भाई की प्रेत आत्मा आ गई है। प्रेत आत्मा को भगाने के लिए अरविंद के परिवार में कथित तौर पर 4 दिनों से पूजा-पाठ और झाड़-फूंक चल रहा था। बताया जा रहा है कि जब अरविंद ने दोनों पंडितों से उनका आधार कार्ड मांगा तो इस मामले को लेकर कहासुनी हो गई। अरविन्द ने घर में रखी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी जिसके चलते उसकी पत्नी बबीताऔर दोनों पंडितों पंडित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्राकी मौत हो गई। बाद में तीनों बच्चों दो बेटियां (11 वर्ष की परी और 11 महीने की शानवी) और एक 10 वर्ष के बेटे को बंधक बना लिया। पुलिस से बचने के लिए अरविंद ने अपने बेटे के भी हत्या कर दी। अब घर में 2 बेटियां और अरविंद की मां ही रह गई हैं। पट्टीदारों के कहर और सिस्टम के ख़राब होने का असर इतना हुआ कि एक अच्छा खाता पिता परिवार बर्बाद हो गया।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में अरविंद की पत्नी बबीता के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। मामले में अरविंद के पट्टीदार मनीष सिंह और अवनीश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था और दोनों जेल भी गए, लेकिन जल्द ही जमानत पर बाहर आ गए थे। अरविंद ने इंसाफ की गुहार लगाई लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद अरविंद के अपहरण की भी बात सामने आई। परिजनों के मुताबिक उसे कई महीनों तक झारखंड में रखा गया और तमाम यातनाएं दी गईं।
2018 में कर दी थी अरविंद के भाई गुड्डू की हत्या
अरविंद की मां के मुताबिक वर्ष 2018 में अरविंद के भाई सुनील सिंह उर्फ गुड्डू की हत्या कर दी गई थी। घटना रामायण के दौरान काली माई के स्थान पर होने की बात बताई जा रही है। इस मामले में पट्टीदार प्रमोद और विनोद के नाम सामने आए थे, जो बाद में कुछ दिनो के लिए जेल भी गए थे। परिजनों का कहना है कि गुड्डू ने एक पोल्ट्री फार्म बनाया था और लाइसेंसी रिवॉल्वर के साथ गार्ड का काम पुणे में करता था। परिवार के मुताबिक उसकी तरक्की कुछ पट्टीदारों को बर्दाश्त नहीं हुई थी।
मानसिक अवसाद से जूझ रहा था अरविंद?
पहले पत्नी के साथ रेप, फिर खुद का अपहरण और बाद में सगे भाई की हत्या होने से अरविंद धीरे-धीरे मानसिक अवसाद में चला गया। जानकारी मिली है कि अरविंद वर्ष 2019 के बाद से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इसी दौरान किसी पंडित ने परिवार को बताया कि अरविंद पर कथित तौर पर ‘प्रेत बाधा’ है और उनके बड़े भाई गुड्डू की आत्मा उसे परेशान कर रही है। इसके बाद पिछले चार दिनों से घर में पूजा-पाठ कराया जा रहा था। मंगलवार शाम अरविंद जब घर पहुंचा तो उसने उन पंडितों से उनका आधार कार्ड मांगा। इसी बात को लेकर हुए विवाद बढ़ गया। अरविंद ने घर में रखी पिस्टल से फायरिंग कर दी। ये पिस्टल अरविंद के भाई की थी। गोली लगने से उसकी पत्नी समेत दो पंडितों की मौत हो गई।
इसके बाद खुद को बचाने के लिए उसने अपने बच्चों के साथ एक कमरे में बंद हो गया और सरेंडर करने की बजाय बच्चों को ही मारने की धमकी देने लगा और अंत में अपने बेटे की भी हत्या कर दी। इसके बाद ATS कमांडो ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और दाखिल हुए तो आरोपी ने पुलिस पर भी फायरिंग की। जवाबी फायरिंग में आरोपी पर गोली चलाई गई और उसकी मौत हो गई।






