जंगली सुअर, नीलगाय और बंदरों से फसलों के साथ जान-माल को भी खतरा : डॉ. सुनीलम
किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि किसान संघर्ष समिति के पट्टन ब्लॉक उपाध्यक्ष एवं इलेक्ट्रिशियन आशीष बर्डे (25 वर्ष) कल शाम लगभग 6 बजे मुलताई से अपने गांव सिरडी लौट रहे थे। आष्टा के हनुमान मंदिर के पास अचानक सड़क पर 15–16 जंगली सुअरों का झुंड आ जाने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गए। दुर्घटना में उनके हाथ में गंभीर चोट आई है।
डॉ. सुनीलम ने बताया कि संयोगवश आशीष बर्डे के पीछे पुलिस वाहन आ रहा था, जिसके कारण समय पर मदद मिल सकी। अन्यथा जंगली सुअरों द्वारा हमला भी किया जा सकता था। हेलमेट पहने होने के कारण उनके सिर में चोट नहीं आई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसान लंबे समय से जंगली सुअर, नीलगाय और बंदरों द्वारा फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने तथा जंगली सुअरों के हमले की शिकायत करते आ रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग द्वारा जंगली जानवरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने अथवा समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी अभियान नहीं चलाया गया है।
डॉ. सुनीलम ने वन विभाग से मांग की है कि जंगली जानवरों से किसानों की फसलों तथा आम नागरिकों के जान-माल की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए और जंगली सुअरों सहित अन्य समस्या पैदा कर रहे वन्यजीवों को पकड़कर सुरक्षित वन क्षेत्रों में स्थानांतरित करने का अभियान चलाया जाए।







