राहुल गांधी ने आज लोकसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक (Women’s Reservation Bill) पर चर्चा के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “कायरों की तरह BJP छिपना बंद करे, ये महिला बिल तो बिल्कुल नहीं है।”
राहुल गांधी का मुख्य तर्क
राहुल ने दावा किया कि यह बिल महिलाओं के सशक्तिकरण का नहीं, बल्कि परिसीमन (delimitation) के जरिए देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है।
उन्होंने कहा कि भाजपा “भारत की जनता” या “सशस्त्र बलों” के पीछे कायरों की तरह छिप रही है। असल में सरकार पर हमला कर रहे हैं, जनता पर नहीं।
कांग्रेस का स्टैंड: 2023 में पास हुए मूल महिला आरक्षण कानून का वे समर्थन करते हैं, लेकिन वर्तमान संशोधनों के साथ परिसीमन को जोड़ने का विरोध। उनका आरोप है कि इससे OBC, दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं, और असली मकसद सत्ता बरकरार रखना है।
संदर्भ
सरकार आज लोकसभा में तीन बिल पेश कर रही है:
महिला आरक्षण संशोधन बिल, 2026
परिसीमन बिल, 2026
केंद्रशासित प्रदेश संशोधन बिल, 2026
ये 2023 के महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए हैं, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान है। लेकिन विपक्ष (खासकर कांग्रेस) इसे परिसीमन के साथ जोड़कर “छिपा हुआ एजेंडा” बता रहा है।
भाजपा की तरफ से अभी अमित शाह या पीएम मोदी का जवाब आना बाकी है (चर्चा चल रही है)। स्पीकर ने राहुल को कुछ शब्दों पर चेतावनी भी दी।
यह राजनीतिक बहस का हिस्सा है — विपक्ष इसे “महिलाओं का इस्तेमाल” बता रहा है, जबकि सरकार इसे महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का कदम कह रही है। संसद की कार्यवाही में हंगामा भी हुआ।








