क्या हुआ: मुख्य घटनाएं
ट्रंप का ऐलान: अमेरिका ‘रन’ करेगा वेनेजुएला: गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने मार-ए-लागो से प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को “run the country until such time as we can do a safe, proper and judicious transition” करेगा। यह बयान ‘उपनिवेश’ जैसे दावों का आधार बना, क्योंकि इसमें अमेरिका का अस्थायी प्रशासनिक नियंत्रण शामिल है। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह संक्रमणकालीन है, न कि स्थायी।
ऊर्जा डील की घोषणा (6-7 जनवरी 2026): ट्रंप ने घोषणा की कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार (उप-राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के नेतृत्व में) अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल तेल सौंपेगी, बाजार मूल्य पर। आय का उपयोग “दोनों देशों के लोगों के लाभ” के लिए होगा। इसके अलावा, ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला तेल की आय से केवल अमेरिकी उत्पाद ही खरीदेगा, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचाएगा। ऊर्जा सचिव क्रिस राइट को इसकी जिम्मेदारी दी गई।
यह डील वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने का दावा करती है, जो मादुरो के शासन में बर्बाद हो गई थी। ट्रंप ने कहा कि यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा और वेनेजुएला को “जिम्मेदार, समृद्ध सहयोगी” बनाएगा।
दुनिया से रिश्ते ‘काट दिए’? अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
ट्रंप के ऐलान ने वेनेजुएला के वैश्विक संबंधों पर असर डाला है, लेकिन यह पूरी तरह से “काट दिए” नहीं हैं। मुख्य प्रभाव:
चीन का गुस्सा: चीन वेनेजुएला से 80% तेल खरीदता था और उसे 10 बिलियन डॉलर का कर्ज दिया है। अब अमेरिकी नियंत्रण से चीन की ऊर्जा रणनीति प्रभावित हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि चीन को “first dibs” (पहला अधिकार) था, लेकिन ट्रंप की डील ने इसे बाधित किया।
रूस के साथ संभावित डील की अफवाहें: कुछ थ्योरी में कहा जा रहा है कि यह एक “सीक्रेट डील” है – रूस को यूक्रेन में प्रभाव के बदले अमेरिका को वेनेजुएला में। रूसी राजदूत ने ऐसी “hints” दिए थे। हालांकि, यह सिद्ध नहीं है।
अंतरिम सरकार की प्रतिक्रिया: डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि “Venezuela is not at war… a country of peace that was attacked by a nuclear power,” लेकिन ऊर्जा संबंधों के लिए “open” हैं जहां सभी को फायदा हो। यह डील को स्वीकार करने का संकेत है, लेकिन विरोध भी।
विपक्ष का समर्थन: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो ने ट्रंप को नोबेल पीस प्राइज शेयर करने का ऑफर दिया, लेकिन उन्हें रणनीति से बाहर रखा गया था।
कुल मिलाकर, ये ऐलान वेनेजुएला को अमेरिका-केंद्रित अर्थव्यवस्था की ओर धकेलते हैं, जो चीन और रूस जैसे पुराने सहयोगियों से दूरी बढ़ा सकता है।







