पश्चिम चम्पारण/बेतिया। बिहार ऐम्बुलेंस कर्मचारी संघ (एटक) के आह्वान पर पश्चिम चम्पारण के सभी 102 ऐम्बुलेंस कर्मचारी 4 सितम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि वे कुशल और प्रशिक्षित होने के बावजूद आज भी महज़ 11 हज़ार रुपये पर 12-12 घंटे काम करने को मजबूर हैं, जो बंधुआ मजदूरी से भी बदतर है। आरोप है कि सरकार और स्वास्थ्य समिति ने निजी कंपनियों को खुली छूट दे रखी है, जिसके चलते कर्मचारियों का शोषण हो रहा है और उन्हें जीने लायक मजदूरी भी नहीं मिल पा रही है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें हैं—न्यूनतम मजदूरी लागू करना, सेवा निवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करना और सेवाओं को स्थायी करना। आंदोलन की सफलता के लिए 15 सदस्यीय कोर कमिटी बनाई गई है, जिसमें सुनील राम, संजीत सिन्हा, संदीप यादव, शेख अस्लम, मुकेश पटेल समेत अन्य शामिल हैं। बैठक में एटक प्रभारी ओम प्रकाश क्रांति के साथ सभी ऐम्बुलेंस कर्मचारी मौजूद रहे और संघर्ष को सफल बनाने का संकल्प लिया।








