देव मणि शुक्ल
नोएडा सेक्टर 82 पाकेट 7 के शिव मंदिर पर हरतालिका तीज को बड़ी धूमधाम से मनाई गई। सभी महिलाओं ने मिलकर पूरे मंदिर को फूलों से सजाया एवं सभी व्रती महिलाएं पार्थिव शिवलिंग बनाकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया।
यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हस्त नक्षत्र के दिन होता है। इस दिन कुमारी और सौभाग्यवती स्त्रियाँ गौरी-शङ्कर की पूजा करती हैं। विशेषकर उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और बिहार में मनाया जाने वाला यह त्योहार करवाचौथ से भी कठिन माना जाता है क्योंकि जहां करवाचौथ में चन्द्र देखने के उपरांत व्रत सम्पन्न कर दिया जाता है, वहीं इस व्रत में पूरे दिन निर्जल व्रत किया जाता है और अगले दिन पूजन के पश्चात ही व्रत सम्पन्न जाता है। इस व्रत से जुड़ी एक मान्यता यह है कि इस व्रत को करने वाली स्त्रियां पार्वती जी के समान ही सुखपूर्वक पतिरमण करके शिवलोक को जाती हैं।
हरतालिका तीज
सौभाग्यवती स्त्रियां अपने सुहाग को अखण्ड बनाए रखने और अविवाहित युवतियां मन अनुसार वर पाने के लिए हरितालिका तीज का व्रत करती हैं। सर्वप्रथम इस व्रत को माता पार्वती ने भगवान शिव शङ्कर के लिए रखा था। इस दिन विशेष रूप से गौरी−शंकर का ही पूजन किया जाता है। इस दिन व्रत करने वाली स्त्रियां सूर्योदय से पूर्व ही उठ जाती हैं और नहा धोकर पूरा श्रृंगार करती हैं। पूजन के लिए केले के पत्तों से मंडप बनाकर गौरी−शङ्कर की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इसके साथ पार्वती जी को भजन, कीर्तन करते हुए जागरण कर तीन बार आरती की जाती है और शिव पार्वती विवाह की कथा सुनी जाती है। इस मौके पर श्रीमती विभा शुक्ला, श्रीमती रीता मिश्रा, श्रीमती विनीता, श्रीमती शीतल सिंह, श्रीमती सीमा शुक्ला, श्रीमती मंजू गुप्ता, श्रीमती सचिता राय, श्रीमती वंदना पाठक, कुछ श्वेता शुक्ला, श्रीमती सुमन, श्रीमती मंजू वर्मा, श्रीमती ज्योति तिवारी, श्रीमती गीता शर्मा, श्रीमती रेनू भगत, श्रीमती नेहा मिश्रा, श्रीमती सुधा सिंह, श्रीमती भावना पांडेय, श्रीमती मंजू पाठक, श्रीमती निक्की मिश्रा आदि गणमान्य भक्त गण मौजूद रहे।







