• 21 से 25 अप्रैल तक मनेगा अग्नि सुरक्षा सप्ताह
• फायर सेफ्टी विभाग के सहयोग से होगा फायर सेफ्टी मॉकड्रिल
पटना। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि देखी जाती है। इस लिहाज से स्वास्थ्य संस्थानों में रोगी,कर्मचारी एवं रोगियों के परिजनों की किसी भी दुर्घटना से बचाव करना जरुरी है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य संस्थानों को अग्निरोधी बनाने के लिए 21 अप्रैल से 25 अप्रैल तक सरकारी अस्पतालों में “अग्नि सुरक्षा सप्ताह” मनाया जाएगा। साथ ही राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा फायर सेफ्टी आडिट नियमित रूप से कराने पर जोर भी दिया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन किया जाएगाl अग्नि से सुरक्षा ‘‘जलवायु परिवर्तन, मानव स्वास्थ्य और आपदा के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम”का अभिन्न अंग है।
श्री पांडेय ने कहा कि अग्नि सुरक्षा सप्ताह के दौरान अस्पताल कर्मियों को अगलगी की आपात स्थिति से निपटने के गुर सिखाए जाएगें। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों एवं पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही उन्हें आग लगने पर ‘क्या करें’ और ‘क्या न करें’ के बारे में जानकारी दी जाएगी। जिला अंतर्गत फायर सेफ्टी विभाग के सहयोग से फायर सेफ्टी मॉकड्रील भी कराया जाएगा। मॉक ड्रिल के दौरान आग लगने से आपात स्थिति पैदा होने के दौरान इससे बचाव के तरीकों पर विशेष जोर दिया जाएगा। मॉक ड्रिल के दौरान विपरीत परिस्थिति में चलने फिरने में असमर्थ एवं चलने फिरने वाले रोगियों को अस्पताल से खाली करा कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने के विषय में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा आईसीयू,ओटी,स्पेशल वार्ड,इन्फैन्ट वार्ड के लिए फायर सेफ्टी से संबंधित योजना का निष्पादन किया जाएगा।
श्री पांडेय ने कहा कि अग्नि सुरक्षा सप्ताह के दौरान केंद्र द्वारा आनलाइन जागरूकता वेबिनार भी आयोजित किए जाएगें। जिसमें मेडिकल छात्र एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। अग्नि सुरक्षा सप्ताह से अस्पतालों के साथ मरीजों की जीवन रक्षा की प्राथमिकता को बढ़ावा मिलेगा।







