बिहार को लेकर पूछे सवाल पर कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह का मूड ऑफ

 ऐसा निगेटिव प्रश्न क्यों?

दीपक कुमार तिवारी

पटना/नई दिल्ली। बिहार को ‘पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क योजना’ का प्रोजेक्ट नहीं मिला। जबकि, कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह बिहार के रहने वाले हैं और बेगूसराय से बीजेपी के सांसद हैं। गिरिराज सिंह से पत्रकारों ने दिल्ली मेंं पूछा कि सात राज्यों में टेक्सटाइल पार्क को मंजूरी मिली, लेकिन बिहार क्यों छूट गया? जबकि, मंत्री जी बेगूसराय (बिहार) से ही आते हैं। इसके बाद गिरिराज सिंह ने कहा कि चयन के लिए कुछ मानदंड तय किए गए थे। जो राज्य मानदंडों पर खरे उतरे, उन्हें ही पार्क मिले। मगर, सवाल सुनते ही गिरिराज सिंह अनकम्फर्टेबल हो गए। जल्दी से निकलने की कोशिश करने लगे और कहा कि ‘यार ऐसा-ऐसा निगेटिव प्रश्न क्यों करते हो?’
दरअसल, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क योजना के तहत देश में सात जगहों पर मेगा टेक्सटाइल पार्क बनेंगे। इनका मकसद टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बढ़ावा देना है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। चुने गए राज्य हैं- महाराष्ट्र, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात। बिहार का नाम इस सूची में नहीं है।
इसी को लेकर, कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह से पत्रकारों ने सीधा सवाल किया कि वे खुद बिहार से हैं, फिर भी बिहार को पार्क क्यों नहीं मिला? बिहार के लोग इस बारे में सवाल उठा रहे हैं। इस पर गिरिराज सिंह ने कहा, ‘नहीं, नहीं..सवाल नहीं उठाने का है। जिसने वो क्राइटेरिया पूरा किया उसको दिया और आगे फिर दूसरा बनेगा। यार ऐसा-ऐसा निगेटिव प्रश्न क्यों करते हो?’
वहीं, आरजेडी सांसद संजय यादव ने ‘पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल योजना’ के तहत बिहार में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने कोई भी टेक्सटाइल पार्क बिहार को नहीं दिया, जबकि बिहार सम्पूर्ण क्राइटेरिया पूरा करता है। संजय यादव के मुताबिक तेजस्वी यादव की 𝟏𝟕 महीनों की सरकार में जब उद्योग विभाग राजद कोटे में था, तब चंपारण के चनपटिया में 𝟏𝟕𝟎𝟎 एकड़ जमीन चिह्नित कर बिहार में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया था।
हालांकि, कपड़ा मंत्री ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। यह सिर्फ पहला चरण है। अगर बिहार भविष्य में तय मानदंडों को पूरा करता है, तो उसे भी टेक्सटाइल पार्क मिल सकता है। केंद्र सरकार टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मित्र पार्क इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। इन पार्कों में विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी। कपड़ा उत्पादन से लेकर निर्यात तक की पूरी प्रक्रिया एक ही जगह पर होगी। इससे लागत कम होगी और गुणवत्ता बढ़ेगी।

  • Related Posts

    रेजीनगर उपचुनाव वोटिंग के बीच गिरफ्तार किए गए हुमायूं कबीर, कॉलर से खींचकर ले गई बंगाल पुलिस

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले की…

    Continue reading
    ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की को लेकर विपक्षी सांसदों का मार्च शुरू, पुलिस  के रोकने पर धरने पर बैठे राहुल गांधी-प्रियंका

    चुनाव आयोग तक मार्च का ऐलान किया था…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सोशल मीडिया पर थू-थू होने पर बौखलाई सरकार, स्वतंत्र पत्रकारों पर अंकुश लगाने की तैयारी?  

    सोशल मीडिया पर थू-थू होने पर बौखलाई सरकार, स्वतंत्र पत्रकारों पर अंकुश लगाने की तैयारी?  

    चंद्रशेखर को मिल रहा आकाश आनंद के पार्टी से इन-आउट का फायदा ?

    चंद्रशेखर को मिल रहा आकाश आनंद के पार्टी से इन-आउट का फायदा ?

    बाबा खड़क सिंह : पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें सिखों का “अघोषित बादशाह” और देश का “लौह पुरुष” कहा था

    बाबा खड़क सिंह : पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें सिखों का “अघोषित बादशाह” और देश का “लौह पुरुष” कहा था

    वनवासियों के हितचिंतक स्वामी आत्मानंद

    वनवासियों के हितचिंतक स्वामी आत्मानंद

    पत्रकारों के लिए दिल्ली पुलिस की गाइडलाइन, यूजर्स ने लगा दी क्लास

    पत्रकारों के लिए दिल्ली पुलिस की गाइडलाइन, यूजर्स ने लगा दी क्लास

    स्वतंत्र भारद्वाज को बड़ी राहत, अब नहीं जाना होगा जेल, मिली जमानत

    स्वतंत्र भारद्वाज को बड़ी राहत, अब नहीं जाना होगा जेल, मिली जमानत