बिहार में लोकसभा चुनाव लड़ रहे 6 नेताओं के बेटे- बेटियां

राम नरेश
पटना। पीएम नरेंद्र मोदी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार राजनीति में परिवारवाद के कट्टर आलोचक रहे हैं। इसकी परवाह किए बगैर ‘इंडिया’ ने अपने नेताओं की पांच संतानों को लोकसभा चुनाव में उतार दिया है। कांग्रेस ने ऐसे तीन लोगों को मौका दिया तो आरजेडी ने दो को। एनडीए ने समस्तीपुर सीट पर अशोक चौधरी की बेटी को उम्मीदवार बनाया है।

लालू प्रसाद यादव की परिवारवादी राजनीति को नजीर बना कर पीएम मोदी और नीतीश कुमार हमला बोलते रहे हैं। इसके बावजूद आरजेडी ने लालू की दो बेटियों- मीसा भारती और रोहिणी आचार्य को लोकसभा चुनाव का टिकट दे दिया। मीसा भारती पाटलिपुत्र से एक बार फिर इंडी गठबंधन की ओर से मैदान में हैं।

रोहिणी आचार्य को लालू ने अपनी पारंपरिक सारण सीट दी है, जहां उनके खिलाफ भाजपा के सिटिंग सांसद राजीव प्रताप रूडी मैदान में है।

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश सिंह के बेटे आकाश को भी कांग्रेस ने महाराजगंज से टिकट दे दिया है।

महाराजगंज से आरजेडी के टिकट पर प्रभुनाथ सिंह चुनाव लड़ते और जीतते रहे हैं। बंटवारे में यह सीट इस बार कांग्रेस के कोटे में है। भाजपा ने तीसरी बार जनार्दन सिग्रीवाल को मौका दिया है।कांग्रेस ने परिवारवादी राजनीति के आरोपों को ठेंगा दिखाते हुए बिहार में अपने कोटे की नौ सीटों में तीन पर राजनीतिक घरानों के लोगों को ही मौका दिया है।

कांग्रेस ने लोकसभा की स्पीकर रह चुकीं मीरा कुमार के बेटे अंशुल कुमार को पटना साहिब से अपना उम्मीदवार बनाया है। अंशुल के चुनाव लडने की चर्चा तो पहले से ही थी। उन्होंने अपनी मां की पारंपरिक सीट सासाराम से चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। अब उन्हें पटना साहिब सीट मिली है। एनडीए में भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को फिर पटना साहिब से मौका दिया है।

महेश्वर हजारी जेडीयू के नेता हैं। अब तो नीतीश कुमार ने उन्हें मंत्री पद भी दे दिया है। पहले चर्चा थी कि वे खुद लोकसभा का चुनाव समस्तीपुर से लड़ना चाहते हैं। इसके लिए वे कभी लोजपा (आर) के प्रमुख चिराग पासवान के संपर्क में रहे तो कभी कांग्रेस के करीब गए।

आखिरकार कांग्रेस ने उनके बेटे सनी हजारी को मौका दे दिया है। राजनीति में परिवारवाद का यह नया फॉर्म्युला है। पिता एनडीए में और बेटा ‘ इंडि अलायंस ’ में। सनी अभी वारिस नगर विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले ब्लाक खानपुर के प्रमुख हैं। उनके पिता महेश्वर हजारी कल्याणपुर से विधायक हैं।

समस्तीपुर सीट से ही जेडीयू नेता और नीतीश कुमार मंत्रिमंडल के सदस्य अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी को एलजेपीआर ने अपना उम्मीदवार बनाया है। यानी समस्तीपुर में जेडीयू कोटे के दो मंत्रियों की संतान आमने-सामने है। इंडि अलायंस के उम्मीदवार महेश्वर हजारी के बेटे सनी हजारी हैं , तो एनडीए प्रत्याशी मंत्री अशोक चौधरी की बेटी शांभवी हैं।

शांभवी पढ़ी-लिखी हैं और अभी वे बिहार में सबसे कम उम्र (25 वर्ष)की उम्मीदवार हैं। लोग उनकी योग्यता से प्रभावित लगते हैं। उनकी शिक्षा-दीक्षा दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और लेडी श्री राम कॉलेज (दिल्ली) से हुई है।

दोनों मंत्रियों की संतान के मैदान में होने से सबसे बड़ा धर्म संकट नीतीश कुमार और जेडीयू समर्थकों के सामने है। इसलिए कि दोनों उम्मीदवारों के पिता एक ही पार्टी जेडीयू से जुड़े हैं, जबकि संतान की पार्टी अलग है।

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