पाक, बांग्लादेश और नेपालियों के लिए भी भारत बना मसीहा, बचाए गए छात्रों ने PM मोदी को बोला- ‘थैंक्यू’

यूक्रेन-रूस संकट के बीच भारत ने न सिर्फ अपने नागरिकों को रेस्क्यू किया है बल्कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल के छात्रों को भी बाहर निकाला है, इन छात्रों ने पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया है

कीव (एजेंसी)।  यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच भारत लगातार न सिर्फ अपने नागरिकों देश वापस ला रहा है, बल्कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल जैसे अपने पड़ोसी मुल्कों के छात्रों को भी रेस्क्यू करने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच भारतीय दूतावास ने एक पाकिस्तानी छात्रा को बाहर निकालने का काम किया है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की इस छात्रा का नाम आस्मा शफीक हो जो कि भारतीय दूतावास द्वारा रेस्क्यू किए जाने के बाद इस वक्त पश्चिमी यूक्रेन की तरफ बढ़ रही हैं ताकि वह देश से बाहर जाने के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकें।
वीडियो जारी कर आस्मा ने कहा, ‘मैं कीव में स्थित भारतीय दूतावास को मेरा सहयोग करने के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं क्योंकि मैं काफी मुश्किल समय में फंस गई थी साथ ही मैं पीएम मोदी को भी धन्यवाद देना चाहती हूं. उम्मीद है कि भारतीय दूतावास की वजह से हम सुरक्षित घर पहुंच सकेंगे.’
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक इससे पहले भारतीय दूतावास ने अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश के छात्रों को भी रेस्क्यू किया था। भारत अब तक करीब नौ बांग्लादेशी नागरिकों को रेस्क्यू कर चुका है. इसके लिए छात्रों सहित वहां की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी पीएम मोदी को धन्यवाद कहा.
इसके अलावा ऑपरेशन गंगा के तहत एक नेपाली नागरिक को भी लाया गया था।  काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, रोशन झा नाम के पहले नेपाली नागरिक जिसे भारतीय अधिकारियों ने यूक्रेन से रेस्क्यू किया उसने भी भारतीय सरकार को धन्यवाद दिया था।
बाद में काठमांडू में भारतीय दूतावास ने बताया कि पोलैंड से सात और नेपाली नागरिकों को रेस्क्यू किया जा रहा है। इस बीच भारतीय दूतावास ने कहा कि सूमी से सभी छात्रों को बाहर निकाल लिया गया है। इस बीच यूक्रेन पर रूसी हमले को देखते हुए स्टारबक्स, मैकडोनल्ड और कोका-कोला जैसी कंपनियों ने रूस में अपने व्यापार को बंद करने की घोषणा कर दी है. कोका-कोला द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘यूक्रेन में ‘
वहीं सिविल एविएशन मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस रिलीज के मुताबिक मंगलवार को 410 भारतीयों को स्पेशल सिविलियन फ्लाइट्स के जरिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों से वापस लाया गया है. अब तक 18 हजार भारतीयों को स्पेशल फ्लाइट्स के जरिए वापस लाया जा चुका है।

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