कौशांबी में एक युवती ने मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू युवक से शादी की और हिंदू धर्म अपनाया।
बरेली और मुरादाबाद में दो मुस्लिम लड़कियों ने हिंदू धर्म स्वीकार किया, जिनके नाम नगरिस से मानसी और फरहाना से पल्लवी हो गए। गोरखपुर में मोहम्मद करीम ने इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपनाया और अपना नाम अमन शाह रखा।
प्रयागराज में सलीम अंसारी ने हिंदू धर्म अपनाकर अपना नाम वेदव्रत आर्य रख लिया।
हालांकि, ये घटनाएँ व्यक्तिगत स्तर पर हैं और व्यापक आंकड़ों के आधार पर कोई सामान्य निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, भारत में मुस्लिम और हिंदू दोनों ही अपने धर्म के प्रति अधिक निष्ठावान हैं, और धर्मांतरण की दर बहुत कम (लगभग 1%) है।
ध्यान दें कि धर्मांतरण एक संवेदनशील मुद्दा है, और उत्तर प्रदेश में 2024 में पारित “उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) अधिनियम” के तहत जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन को गंभीर अपराध माना गया है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।







