अब लालू प्रसाद ने कर दी बड़ी गलती!

जिन लालू प्रसाद ने 2015 के विधानसभा चुनाव में अपने बेटे तेजस्वी यादव से पीएम मोदी के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी करने से बचने को कहा था, जिन लालू प्रसाद के इस गुरुमंत्र से तेजस्वी यादव ने अपने दल को बिहार में सबसे अधिक सीटें दिलवाई थी। वही लालू प्रसाद इन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणी कर गलती कर बैठेे हैं। लालू प्रसाद ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित जन विश्वास रैली में पीएम मोदी पर व्यक्तिगत निशाना साधते हुए कह दिया था कि मोदी परिवारवाद पर हमला बोल रहे हैं। उनका तो अपना कोई परिवार है नहीं। मोदी बतायें उनको संतान क्यों नहीं हुई। लालू प्रसाद ने मोदी की मां के निधन पर बाल और दाड़ी न कटवाने का मामला भी उठाया। मुद्दों को बोचने और माहौेल को अपने में ढालने वाले मोदी कहां मानने वाले थे।

तेलांगाना में हुई रैली में उन्होंने लालू प्रसाद पर पलटवार कर दिया। रैली में उन्होंने देश की १४० करोड़ जनता को अपना परिवार बता दिया। मोदी का तेलांगाना रैली में देश को अपना परिवार बताते हुए भाषण क्या देना था कि गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत दूसरे पार्टी के नेताओं ने अपन सोशल मीडिया की प्रोफाइल पर मोदी का परिवार लिख दिया। अब बीजेपी की कद्दावर नेता रहीं सुषमा स्वराज की बेटी और नई दिल्ली से बीजेपी की प्रत्याशी बांसुरी स्वराज ने सफदरजंग क्षेत्र में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के घरों पर मोदी का परिवार लिखने के लिए अभियान छेड़ दिया है। मतलब बीजेपी अब मोदी का परिवार अभियान देशभर में चलाने जा रहंी है। जिसका फायदा बीजेपी को लोकसभा में मिलेगा।
दरअसल मोदी को अपने खिलाफ होने वाले हमले को उल्टे हमला बोलने वाले की मोड़ने में महारत हासिल है। २०१४ के आम चुनाव में कांग्रेस के नेता मणिशंकर अय्यर ने उस समय के बीजेपी के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी को चाय बेचने वाला बोलते हुए संसद गेट पर चाय बेचने की बात की थी। साथ ही नीच तक बोल दिया था। मोदी ने चाय वाले के खिलाफ ऐसा प्रचार कराया कि चाय बेचने वाला ही प्रधामंत्री बन गया। ऐेसे ही २०१९ के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री चोर है, का अभियान छिड़वा दिया तो बीजेपी के कार्यकर्ता और समर्थकों ने बड़े स्तर पर अपने नाम के आगे चौकीदार लिखवा लिया। ऐसे ही राजद मुखिया लालू प्रसाद ने मोदी के पविवार को लेकर टिप्पणी करी बड़ी गलती कर दी है। जिसका खामियाजा विपक्ष को उठाना पड़ सकता है।

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