दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां बाइक सवार युवक कमल (कैलाशपुरी निवासी) की मौत हो गई। कमल रोहिणी में एक बैंक कॉल सेंटर में काम करता था और गुरुवार रात (5 फरवरी 2026) देर शाम ऑफिस से घर लौट रहा था। रास्ते में दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) द्वारा खोदे गए एक गहरे खुले गड्ढे (जिसे ‘मौत का गड्ढा’ कहा जा रहा है) में उसकी बाइक समेत गिरने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
यह गड्ढा जल बोर्ड के किसी निर्माण/मरम्मत कार्य से जुड़ा था, लेकिन आसपास कोई बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण अंधेरे में कमल को गड्ढा नजर नहीं आया। परिजनों का आरोप है कि जब कमल रात में घर नहीं पहुंचा, तो वे पूरी रात उसकी तलाश में निकले और कई थानों के चक्कर काटे। उन्होंने पुलिस को लापता होने की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने रात में शिकायत लेने से इनकार कर दिया और कहा- “सुबह आना”। परिवार रात भर बेचैन रहा।
सुबह करीब 7-7:30 बजे पुलिस का फोन आया, जिसमें कमल के शव के बारे में सूचना दी गई। मौके पर पहुंचने पर कमल अपनी बाइक के साथ गड्ढे में मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
यह घटना हाल ही में नोएडा में युवराज की मौत (खुले गड्ढे में गिरने से) के बाद हुई है, जिससे प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। परिवार जल बोर्ड की लापरवाही (खुले गड्ढे छोड़ना) और पुलिस की ढिलाई (रात में मदद न करना) पर गुस्सा जता रहा है। कुछ लोगों ने यहां तक कहा कि कमल रात भर गड्ढे में तड़पता रहा, लेकिन कोई मदद नहीं पहुंची।
पुलिस ने मामला दर्ज किया है और जांच जारी है। यह घटना एक बार फिर सड़कों पर सुरक्षा की कमी और सरकारी विभागों की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।








