ट्रंप की क्यों नजर गड़ी हुई है वेनेजुएला के तेल पर नजर ?

वेनेजुएला के पास कितना तेल है?

 

वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार हैं। विभिन्न स्रोतों के अनुसार, यहाँ लगभग 303 अरब बैरल (करीब 48 अरब घन मीटर) तेल के प्रमाणित भंडार हैं, जो वैश्विक ज्ञात भंडारों का लगभग 17% है। यह सऊदी अरब (297 अरब बैरल) से भी अधिक है। हालांकि, उत्पादन की बात करें तो देश का आउटपुट बहुत कम है—लगभग 9 लाख बैरल प्रति दिन, जो वैश्विक उत्पादन का महज 0.8% है। पहले (1999 से पहले) यह 35 लाख बैरल प्रतिदिन था, लेकिन सरकारी नीतियों, प्रतिबंधों और बुनियादी ढांचे की खराबी से यह गिर गया।

 

ट्रंप की नजर क्यों गड़ी हुई है?

 

डोनाल्ड ट्रंप (जो 2025 में फिर राष्ट्रपति हैं) की वेनेजुएला पर नजर मुख्य रूप से भू-राजनीतिक और आर्थिक दबाव के कारण है, न कि सीधे तेल ‘कब्जाने’ की। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बनाने के लिए ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में (दिसंबर 2025 में) नई प्रतिबंध लगाए हैं:

मादुरो की पत्नी के तीन भतीजों पर।
तेल शिपिंग कंपनियों (6 कंपनियाँ) और जहाजों (6 टैंकर) पर, जो वेनेजुएला के तेल को ईरान, रूस और चीन को तस्करी कर बेचते हैं।
एक तेल टैंकर ‘स्किपर’ को अंतरराष्ट्रीय जल में जब्त किया गया, जिसमें 20 लाख बैरल कच्चा तेल था (जिसका आधा हिस्सा क्यूबा का था)।

ट्रंप का दावा है कि यह मादुरो के ‘नार्को-टेररिस्ट’ शासन को कमजोर करने के लिए है, जो ड्रग तस्करी और आतंकवाद को फंड करता है। लेकिन मादुरो का कहना है कि अमेरिका तेल के भंडार पर कब्जा करना चाहता है। वास्तव में, ट्रंप की ‘ड्रिल, बेबी, ड्रिल’ नीति से जुड़कर कुछ अमेरिकी कंपनियाँ (जैसे चेवरॉन) वेनेजुएला के तेल उद्योग को पुनर्जीवित करने की उम्मीद कर रही हैं। अमेरिकी गल्फ कोस्ट रिफाइनरियों के लिए वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रतिबंधों से आयात बाधित है। कुल मिलाकर, यह शक्ति संघर्ष है—मादुरो को हटाकर अमेरिकी प्रभाव बढ़ाना, तेल को माध्यम बनाकर।
सत्ता बदली तो क्या तेल का खेल बदलेगा?
हाँ, बदलेगा—खासकर अगर वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन हो (मादुरो का पतन)। वर्तमान में ट्रंप के बढ़ते दबाव से वेनेजुएला के तेल निर्यात पर असर पड़ रहा है:

हाल के जब्तीकरण से 60 लाख बैरल निर्यात रुका, जो मादुरो सरकार की आय का मुख्य स्रोत (तेल से 90% राजस्व) है।
उत्पादन पहले ही 32 लाख बैरल प्रतिदिन से गिरकर 9 लाख पर आ गया; प्रतिबंध हटने पर यह बढ़ सकता है।

 

अगर मादुरो हटते हैं

 

प्रतिबंध हटेंगे: अमेरिकी कंपनियाँ (चेवरॉन जैसी) निवेश करेंगी। अनुमानित 58 अरब डॉलर की जरूरत है बुनियादी ढांचे सुधारने की—पाइपलाइन 50 साल पुरानी हैं।
उत्पादन बढ़ेगा: 20-30 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुँच सकता है, अमेरिका के लिए सस्ता तेल और ऊर्जा सुरक्षा।
खेल बदलेगा: चीन-रूस-ईरान का प्रभाव कम, अमेरिकी कंपनियों का दबदबा। लेकिन तुरंत ‘कब्जा’ नहीं—उद्योग को पुनर्जीवित करने में साल लगेंगे।

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