उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (JPNIC) का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसा। योगी ने कहा कि JPNIC परियोजना में भ्रष्टाचार के कारण सीबीआई जांच चल रही है, जिसके चलते अखिलेश “बौखला गए हैं” और “बबुआ” (अखिलेश) को उनकी लूट और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश होने की चिंता सता रही है। योगी ने दावा किया कि JPNIC की मूल लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन 2017 तक 860 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद यह अधूरी रही। उन्होंने सपा सरकार पर इस परियोजना को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने का आरोप लगाया।
दूसरी ओर, अखिलेश यादव ने JPNIC को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंपने के योगी सरकार के फैसले की आलोचना की, इसे समाजवादी विचारधारा और जयप्रकाश नारायण की विरासत का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि JPNIC सपा का ड्रीम प्रोजेक्ट था और इसे बेचने की बजाय सपा इसे खरीदने को तैयार है।
यह विवाद हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश की सियासत में गरमाया है, जहां योगी और उनके सहयोगी, जैसे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, ने सपा के शासनकाल (2012-2017) को भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन से जोड़ा, जबकि अखिलेश ने योगी सरकार पर सार्वजनिक परियोजनाओं के निजीकरण और जनहित की अनदेखी का आरोप लगाया।








