ईरान ने हालिया अमेरिका-ईरान सीजफायर समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लगभग 15 दिन (दो हफ्ते) के लिए सुरक्षित आवाजाही के लिए खोलने की सहमति दे दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट कहा कि यह “ईरानी सशस्त्र बलों के साथ समन्वय” करके और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए संभव होगा।
‘क्या इस दौरान टोल वसूला जाएगा?
हाँ, इस दौरान टोल (transit fee) वसूला जाने की बहुत संभावना है। ईरान ने इसे अपनी शर्त बनाया है। के जहाजों से अनौपचारिक रूप से टोल ले रहा था (de facto toll booth system)।
सीजफायर और दो हफ्ते के खुलने के प्रस्ताव में ईरान ने प्रति जहाज लगभग 2 मिलियन डॉलर (करीब 17 करोड़ रुपये) तक का टोल वसूलने की बात कही है। कुछ रिपोर्ट्स में 10-15 लाख डॉलर या 15 लाख डॉलर तक का अनुमान भी है।
यह टोल ईरान और ओमान के बीच शेयर किया जा सकता है, और ईरान इसे युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई या सुरक्षा प्रदान करने के एवज में इस्तेमाल करना चाहता है।
ईरानी संसद की कमेटी ने पहले ही टोल सिस्टम को कानूनी रूप देने का ड्राफ्ट पास कर रखा है।कुछ देशों (जैसे इराक, पाकिस्तान आदि) को छूट या विशेष व्यवस्था मिल सकती है, लेकिन सामान्य रूप से तेल टैंकरों और अन्य जहाजों पर टोल लगेगा। इससे वैश्विक तेल की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
सीजफायर और दो हफ्ते के खुलने के प्रस्ताव में ईरान ने प्रति जहाज लगभग 2 मिलियन डॉलर (करीब 17 करोड़ रुपये) तक का टोल वसूलने की बात कही है। कुछ रिपोर्ट्स में 10-15 लाख डॉलर या 15 लाख डॉलर तक का अनुमान भी है।
यह टोल ईरान और ओमान के बीच शेयर किया जा सकता है, और ईरान इसे युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई या सुरक्षा प्रदान करने के एवज में इस्तेमाल करना चाहता है।
ईरानी संसद की कमेटी ने पहले ही टोल सिस्टम को कानूनी रूप देने का ड्राफ्ट पास कर रखा है।कुछ देशों (जैसे इराक, पाकिस्तान आदि) को छूट या विशेष व्यवस्था मिल सकती है, लेकिन सामान्य रूप से तेल टैंकरों और अन्य जहाजों पर टोल लगेगा। इससे वैश्विक तेल की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
पृष्ठभूमि संक्षेप में
यह समझौता ट्रंप द्वारा दी गई डेडलाइन के ठीक पहले हुआ, जिसमें अमेरिका ने हमले रोकने का ऐलान किया और ईरान ने स्ट्रेट खोलने की बात कही।
पूरी तरह “खुला” नहीं, बल्कि ईरानी सेना के समन्वय से नियंत्रित आवाजाही होगी।
आगे की बातचीत (इस्लामाबाद में) 15 दिनों में होनी है, जिसमें ईरान अपनी 10-पॉइंट योजना (जिसमें स्ट्रेट पर नियंत्रण और टोल शामिल) पर जोर दे रहा है।
पूरी तरह “खुला” नहीं, बल्कि ईरानी सेना के समन्वय से नियंत्रित आवाजाही होगी।
आगे की बातचीत (इस्लामाबाद में) 15 दिनों में होनी है, जिसमें ईरान अपनी 10-पॉइंट योजना (जिसमें स्ट्रेट पर नियंत्रण और टोल शामिल) पर जोर दे रहा है।








