जनवरी 2026 की शुरुआत में ईरान में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं, जिसमें अब तक दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों गिरफ्तारियां हुई हैं।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी है कि अगर ईरानी सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी करती है या उन्हें मारती है, तो अमेरिका “उनकी मदद” करेगा और ईरान को “बहुत जोरदार जवाब” मिलेगा। ट्रंप ने इसे “locked and loaded” (तैयार और लोडेड) कहकर दोहराया है।
इससे पहले 3-4 जनवरी 2026 के आसपास अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई की थी, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया (कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें अमेरिका ले जाया गया)। यह ईरान के लिए बड़ा झटका था क्योंकि मादुरो ईरान का लंबे समय से सहयोगी रहा है।
इस घटना के बाद ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी हसन रहिमपोर आज़घदी (Supreme Council of the Cultural Revolution के सदस्य और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के करीबी माने जाने वाले) ने ट्रंप को खुली धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि ट्रंप का भी वही हाल होना चाहिए जो मादुरो का हुआ — यानी उन्हें भी पकड़ लिया जाए या गिरफ्तार किया जाए। उनका बयान कुछ इस तरह था:
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी है कि अगर ईरानी सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी करती है या उन्हें मारती है, तो अमेरिका “उनकी मदद” करेगा और ईरान को “बहुत जोरदार जवाब” मिलेगा। ट्रंप ने इसे “locked and loaded” (तैयार और लोडेड) कहकर दोहराया है।
इससे पहले 3-4 जनवरी 2026 के आसपास अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई की थी, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया (कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें अमेरिका ले जाया गया)। यह ईरान के लिए बड़ा झटका था क्योंकि मादुरो ईरान का लंबे समय से सहयोगी रहा है।
इस घटना के बाद ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी हसन रहिमपोर आज़घदी (Supreme Council of the Cultural Revolution के सदस्य और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के करीबी माने जाने वाले) ने ट्रंप को खुली धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि ट्रंप का भी वही हाल होना चाहिए जो मादुरो का हुआ — यानी उन्हें भी पकड़ लिया जाए या गिरफ्तार किया जाए। उनका बयान कुछ इस तरह था:








