सीटू व जन् नाट्य मंच के बैनर तले मजदूरों और कलाकारों ने संयुक्त रंगारंग कार्यक्रमों के द्वारा सफदर हाशमी का शहादत दिवस मनाया

झंडापुर साहिबाबाद- रंगकर्मी शहीद कॉमरेड सफदर हाश्मी व राम बहादुर के 37 वें शहादत दिवस पर आज गाजियाबाद के साइट- 4 साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र के झंडापुर गाँव स्थित अम्बेडकर पार्क में सी. आई. टी. यू. व जन नाट्य मंच के द्वारा मजदूरों और कलाकारों का साझा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आज के कार्यक्रम की शुरुआत किसान कार्यकर्त्ता कॉमरेड रतन गंभीर के क्रांतिकारी गीतों से हुई, इसके बाद बरगद का नाटक “कच्ची छत”, जन नाट्य मंच का नाटक “फिलिस्तीन के लिए” का मंचन हुआ। इसी बीच जन सभा कॉमरेड राजवीर सिंह की अध्यक्षता में की गई, सभा को मुख्य वक्ता के तौर पर पूर्व लोकसभा सदस्य एवं सी पी आई (एम) के पोलिट ब्यूरो सदस्य कॉमरेड मोहम्मद सलीम ने सम्बोधित करते हुए कहा कि मजदूर वर्ग को शोषण से मुक्ति दिलाने की लड़ाई में संघर्ष करते हुए कॉमरेड सफ़दर हाश्मी व राम बहादुर ने जो कुर्बानी दी है उसे भुलाया नहीं जा सकता, सफदर के विचार हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, हम कॉमरेड सफदर और राम बहादुर को याद करते हुए लाल सलाम पेश करते हैं। आज देश में साम्प्रदायिक शक्तियां सत्ता पर काबिज होकर मजदूर-किसान व जनता के खिलाफ देशी-विदेशी पूंजीपतियों के हित में तानाशाही तरीके से नये-नये कानून बनाकर जबरन थोप कर मजदूरों और किसानों को गुलाम बनाने का काम कर रहीं हैं। जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है उसके बाद देश में मंहगाई और बेरोजगारी अपने चरम पर पहुंच गई है जिसके कारण आम जनता के सामने भूखों मरने के हालात पैदा हो गए हैं। वह हमें मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा के नाम पर बाँटना चाहते हैं, प्रधानमंत्री लिबास से पहचान करते हैं, टोपी वाले को आतंकी और पगड़ी वाले को ख़ालिस्तानी बताते हैं। त्रिपुरा के छात्र को देहरादून में विदेशी बता कर मार दिया गया इसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री को लेनी चाहिए। मोदी राज में शोषण बढ़ा है, हवा पानी पहाड़ जंगल सब लुटेरे के हांथों में जा रहा है।

शिक्षा स्वास्थ्य मंहगा होता जा रहा है, अपना उल्लू सीधा करने के लिए लोगों में धर्म के नाम पर नफ़रत का बीज बोया जा रहा है। ईसाइयो पर हमले किये गए, बीफ के नाम अख़लाक़ की हत्या कर दी गई और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार दोषियों को बचाने के लिए केस वापिस लिया लेकिन कोर्ट में उसे मुँह की खानी पड़ी। आज भी देश की 80 करोड़ आबादी ग़रीबी के कारण 5 किलो राशन पर निर्भर हैं। मोदी सरकार कोरोना महामारी के दौरान किसानों की जमीन अपने पूँजीपति मित्रों को देने के लिए किसान विरोधी तीन कृषि कानून लेकर आई थी जिसके खिलाफ देश के किसानों द्वारा 13 महीने तक लगातार पूरे देश में और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को घेर कर संघर्ष किया गया जिसमें 700 से ज्यादा किसान शहीद हो गए, इस आंदोलन को मजदूरों के साथ ही अन्य संगठनों का सहयोग मिला और उसके बाद मोदी सरकार को तीनों कृषि कानून रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उसी महामारी के समय केंद्र सरकार मजदूरों को गुलाम बनाने के लिए 4 श्रम संहिताएं (लेबर कोड) कानून लेकर आयी जिसके खिलाफ देश के मजदूरों द्वारा लगातार संघर्ष करते रहने के साथ ही पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को लगे हार के झटके के कारण वह कानून अभी तक लागू नहीं हो सके, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव में तिकड़म से मिली जीत से उत्साहित होकर मोदी सरकार द्वारा 21 नवम्बर 2025 को 4 लेबर कोड लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके खिलाफ पूरे देश के मजदूर संगठन बड़ी लड़ाई की तैयारी में जुट गए हैं। जिसमें किसानों, नौजवानों, छात्रों, महिलाओं सहित देश के तमाम संगठन भी मजदूर आंदोलन में साथ देने के लिए तैयार हो रहे हैं। हमारा नारा है “हम मेहनत कश इस दुनिया से, जब अपना हिस्सा मांगेंगे – एक खेत नहीं एक बाग नहीं, हम सारी दुनिया मांगेगे” आज देश का संविधान खतरे में है, हम सबको मिल कर उसको बचाना होगा। चुनाव आयोग सरकार की कठपुतली बना हुआ है, पूरी चुनाव प्रक्रिया संदेह के घेरे में है। देश की सभी स्वायत संस्थाएं पी एम ओ से संचालित हो रहीं हैं। कारपोरेट मीडिया मोदी सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। हमारे देश की सरकार साम्राज्यवादी देश अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प के दबाव में काम कर रही है, इसीलिए ट्रम्प द्वारा हिंदुस्तान पर 50% टैरिफ़ (कर) लगाने के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। आज देश के मजदूरों व किसानों की एकता कायम करके आम जनता के सहयोग से सत्ताधारी साम्प्रदायिक ताकतों को सत्ता से बेदखल करने की जरुरत है।
इसके अलावा सभा में उपस्थित जन समूह को सीटू दिल्ली (एन सी आर) के राज्य सचिव कॉमरेड सिद्धेश्वर शुक्ला ने सम्बोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाये गए 4 लेबर कोड के खिलाफ एन सी आर के मजदूर पूरी तरह लामबंद हो रहे हैं और 12 फ़रवरी 2026 में होने वाली राष्ट्रीय हड़ताल में लाखों मजदूर शामिल होंगे। सीटू के राज्य उपाध्यक्ष कॉमरेड बी के एस चौहान ने सम्बोधन में बताया कि गाजियाबाद में सीटू की बढ़ती ताकत व मजदूरों के आंदोलन से बौखला कर यहाँ के पूँजीपति, ठेकेदार, पुलिस और गुंडों के गठजोड़ द्वारा गाजियाबाद में सीटू को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास किये गए। वर्ष 1988 सीटू के जिला सचिव कॉमरेड हरेंद्र पाल सिंह की जिला कार्यालय के सामने बदमाशों द्वारा गोली मार कर हत्या कर दी गई और 1989 में कॉमरेड सफदर हाश्मी व राम बहादुर की झंडापुर में इसी स्थान पर नुक्कड़ नाटक मंचन के समय कांग्रेसी गुंडों द्वारा हमला करके हत्या कर दी गई थी, इसके अलावा और कई कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले किये गए, इसके बावजूद गाजियाबाद के मजदूर आज भी सीटू के साथ खड़े हैं और शोषण के खिलाफ लगातार संघर्ष कर रहे हैं। और आने वाली 12 फ़रवरी 2026 को गाजियाबाद में औद्योगिक चक्का जाम करेंगे। सीटू के जिला महासचिव जी एस तिवारी ने बताया गाजियाबाद में भी हड़ताल की तैयारी चल रही है और हजारों की तादाद में मजदूर 12 फ़रवरी 2026 को हड़ताल करके रोड पर उतरेंगे। जिलाध्यक्ष वेदपाल नागर, जन नाट्य मंच की सचिव सानिया हाश्मी ने भी सभा को सम्बोधित किया। सभी वक्ताओं द्वारा कॉमरेड सफदर हाश्मी व राम बहादुर को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम के अंत में जन नाट्य मंच के कलाकारों द्वारा तैयार किया गया नया नुक्कड़ नाटक “बुलडोजर राज” का मंचन किया गया। जिसमें दर्शाया गया कि किस तरह आम आदमी के घर व झोपड़ी पर बी जे पी सरकारें बुलडोजर चलाकर उनके जीवन को तहस नहस कर रहीं हैं जिसके खिलाफ लाल झंडा उठाने वाले लगातार संघर्ष कर रहे हैं और उनको न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। आज के कार्यक्रम में सी पी आई (एम) की वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद कॉमरेड वृंदा करात, दिल्ली राज्य सचिव मंडल सदस्य कॉमरेड आशा शर्मा व राजीव कुंवर, जिला सचिव ईश्वर त्यागी, जन नाट्य मंच की अध्यक्ष माला हाश्मी, डी वाई एफ आई राज्य सचिव अमन सैनी, नोएडा गौतमबुद्धनगर सीटू नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा, रामस्वारथ, रामसागर, गुड़िया देवी, पूनम देवी, शीला पांडे, अजीत कुमार के अलावा कोमिता, बृजेश, अशोक तिवारी, सुधनवा देशपाण्डेय, प्रियंका, नीरु सिंह सेंगर, देवेंद्र शर्मा, त्रिफूल सिंह, अबरार अहमद, रुकसाना बेगम, भावना त्यागी, रेनू झा, श्रीकृष्ण सिंह, के के तोमर, कन्हैया मिश्रा, विजय सिंह, अनिल कुमार, रविंद्र कुमार, संजय सिंह, रंजीत तोमर, कमलेश्वरी पंडित, ठाकुर दास, बसंती, दर्शनी, सत्येंद्र सिंह सेंगर, पूनम, यू के पाठक, ब्रम्हजीत, सत्य प्रकाश त्यागी आदि नेताओं/कार्यकर्त्ताओं सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

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