देव मणि शुक्ल
नोएडा गाजियाबाद गोविंदपुरम बाबा मार्केट अंकित डेरी विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के तत्वाधान में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया था, अब उनकी छठी मनाई गई। इस शुभ अवसर पर संस्था के जिला अध्यक्ष पंडित अंकित शर्मा परिवार द्वारा कड़ी चावल का विशाल भंडारे का आयोजन किया गया संस्था के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने बताया कि हिंदू धर्म में बच्चे के जन्म के 6 दिन बाद छठी मनाई जाती है, यही परंपरा भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण के 6 दिन बाद निभाई जाती है। जिसे बाल गोपाल की छठी या लड्डू गोपाल की छठी के नाम से जाना जाता है। भगवान कृष्ण की छठी घर के साथ मंदिरों में भी धूमधाम से मनाई जाती है। कान्हा जी की छठी पूजन में सबसे पहले बाल गोपाल को स्नान कराया गया. तत्पश्चात वस्त्र, मोरपंख, बांसुरी, और आभूषण आदि से विशेष श्रृंगार किया. फिर इसके बाद अपने लड्डू गोपाल को चंदन, केसर, हल्दी, फल, फूल, धूप, दीप, अर्पित किया. फिर उनका नाम करण करने के लिए जिस नाम से उन्हें आप पूजते हों, वह नाम बुलाएं और पूरे साल उनकी उसी नाम से साधना करें. कढ़ी चावल, पेड़ा,माखन मिश्री का भोग लगाएं दही, बेसन सात्विक भोजन की श्रेणी में आते हैं. इसके साथ ही भगवान कृष्ण को दही, काफी प्रिय है. कहते हैं कि इस सात्विक भोजन से शीतलता मिलती है और यह पचाने में आसान होता है और पौष्टिक होता है. इसलिए छठी वाले दिन कढ़ी चावल का भोग जरुर चढ़ाया जाता है. इस पंडित राजेश शर्मा सुनील शर्मा अंकित शर्मा संचित शर्मा अंकित शर्मा चंचल शर्मा प्रशांत शर्मा शानू चौधरी अतुल गोयल मौजूद थे







