भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल आज बीजिंग दौरे पर जा रहे हैं। अजीत डोभाल चीन में 24वें भारत-चीन स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव बैठक में हिस्सा लेंगे, जहां पर उनकी मुलाकात चीन के विदेश मंत्री के साथ संभावित बताई जा रही है। इस मुलाकात के दौरान भारत-चीन सीमा संबंधित मुद्दों पर चर्चा होगी। दोनों ही देश इस बातचीत के क्रम का पालन लगातार करते आ रहे हैं। ख़ासतौर पर डोकलाम विवाद के बाद SR लेवल बातचीत की महत्व और ज़्यादा बढ़ गया।
अजीत डोभाल ऐसे समय में चीन की यात्रा पर हैं, जब SCO समिट का आयोजन किर्गिज़स्तान में प्रस्तावित है, जहां पर चीन के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री का शामिल होना भी संभव बताया जा रहा है। भारत और चीन के रिश्तों में सुधार उस समय आया जब प्रधानमंत्री मोदी ने 2025 में चीन की यात्रा की थी। उससे पहले रूस में ब्रिक्स के साइडलाइन में दोनों नेताओं की लंबे समय बाद पहली मुलाकात हुई थी. दोनों नेताओं ने भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की थी और अधिकारियों को कई अहम दिशानिर्देश भी दिए थे।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
ऐसा कहा जा सकता है कि अजीत डोभाल की चीन यात्रा के दौरान भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधों पर भी बातचीत हो सकती है। हालांकि SR लेवल बातचीत का मुख्य एजेंडा सीमा संबंधित मुद्दे ही बताए जाते हैं, लेकिन मौजूदा वैश्विक मुद्दों पर भी ऐसी मुलाक़ातों के दौरान चर्चा हो ही जाती है।
पुतिन के साथ शी जिनपिंग भी आएंगे भारत?
यही नहीं सितंबर में भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का भी आयोजन कर रहा है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आ रहे हैं। ऐसे में क्या चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी ब्रिक्स के लिए भारत दौरे पर आएंगे? इस सवाल का जवाब शायद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की इस चीन यात्रा के बाद मिल सकता है।
कुल मिलाकर अजीत डोभाल की चीन यात्रा की टाइमिंग काफी महत्वपूर्ण है। बीजिंग में अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री की मुलाक़ात के बाद दोनों देशों के बयान का इंतजार रहेगा।
विदेश मंत्री गए हैं रूस
बता दें विदेश मंत्री एस. जयशंकर दो दिन के रूस दौरे पर गए हुए हैं, जहां वो व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) के 27 वें सत्र की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं।







