नई दिल्ली/लखनऊ। भले ही कांग्रेस अभी तक अपने दम पर यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने का दम्भ भर रही हो पर समाजवादी पार्टी लगातार कांग्रेस से गठबंधन कर चुनाव लड़ने की बात कर रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कई मौकों पर इसकी पुष्टि की है। मंगलवार को लखनऊ में सपा अल्पसंख्यक सभा की बैठक में अखिलेश ने फिर दोहराया कि सपा-कांग्रेस गठबंधन मजबूत है और 2027 में दोनों दल मिलकर बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। गत 20 अप्रैल को भी प्रयागराज में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा था कि सपा और कांग्रेस मिलकर इंडिया गठबंधन के तहत 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और उनका लक्ष्य ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के जरिए बीजेपी को हराना है।
हालांकि, 2024 के विधानसभा उपचुनावों में कुछ सीटों पर सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर तनाव देखा गया था, जहां सपा ने सभी 9 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे और कांग्रेस ने समर्थन का वादा किया। फिर भी, अखिलेश ने बार-बार कहा है कि गठबंधन बरकरार रहेगा, और दोनों दल मिलकर बीजेपी को चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। सपा की रणनीति में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और जनवरी 2025 से ही 2027 के लिए उम्मीदवारों की तलाश शुरू करना शामिल है। यह गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के 37 और कांग्रेस के 6 सांसदों की जीत के बाद और मजबूत हुआ है।
कांग्रेस पर सख्त अखिलेश : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित सपा अल्पसंख्यक सभा की बैठक में इंडिया गठबंधन और कांग्रेस को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “2027 का विधानसभा चुनाव हम कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ेंगे। इंडिया गठबंधन जारी रहेगा। जो लोग गठबंधन छोड़ना चाहते हैं, वे निकल जाएं।” यह बयान कांग्रेस के कुछ नेताओं की ओर से गठबंधन पर उठ रहे सवालों और कथित दबाव के जवाब में आया। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि सपा और कांग्रेस मिलकर बीजेपी को हराने के लिए एकजुट रहेंगे।








