नीतीश कुमार के खिलाफ दर्ज होगा केस? मुस्लिम महिला का नकाब खींचने पर बिहार CM के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत

घटना का विवरण

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब (या नकाब) खींचने का आरोप लगा है। यह घटना 15 दिसंबर 2025 को पटना में आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान हुई। वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि नीतीश कुमार एक मुस्लिम महिला डॉक्टर (डॉ. नुसरत परवीन) का हिजाब हटाते हुए नजर आ रहे हैं, जिसे बिना सहमति के महिला की गरिमा भंग करने वाला बताया जा रहा है। इस महिला ने घटना से आहत होकर बिहार सरकार की नौकरी ज्वाइन करने से इनकार कर दिया है।

शिकायतें और कानूनी कार्रवाई

घटना के वायरल होने के बाद देशभर से विरोध शुरू हो गया। विभिन्न जगहों पर शिकायतें दर्ज की गईं और कुछ मामलों में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। मुख्य बिंदु:

लखनऊ (उत्तर प्रदेश): समाजवादी पार्टी (सपा) की नेता सुमैया राणा ने कैसरबाग कोतवाली में नीतीश कुमार और यूपी मंत्री संजय निषाद (जिन्होंने विवादास्पद बयान दिया कि “हिजाब छू दिया तो इतना हो गया, कहीं और छूते तो क्या होता”) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसमें आईपीसी की धारा 354 (महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग) के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह शिकायत पुलिस ने स्वीकार कर ली है और जांच शुरू हो चुकी है।
बेंगलुरु (कर्नाटक): वकील ओवैज हुसैन ने जीरो एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत की। इसमें यौन उत्पीड़न, धार्मिक भावनाओं का अपमान और सार्वजनिक अपमान के आरोप लगाए गए हैं।
हैदराबाद (तेलंगाना): एक महिला एक्टिविस्ट ने सीधे एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें घटना को महिला की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के रूप में वर्णित किया गया।

कुल मिलाकर, केस दर्ज होने की संभावना मजबूत है, क्योंकि शिकायतें आईपीसी की गंभीर धाराओं के तहत हैं। हालांकि, बिहार पुलिस ने अभी तक पटना में कोई आधिकारिक एफआईआर की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अन्य राज्यों में कार्रवाई शुरू हो चुकी है। जीरो एफआईआर की मांग पर अदालत या उच्च अधिकारियों का हस्तक्षेप संभव है।

 

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

 

मुस्लिम समुदाय: धर्मगुरुओं ने नीतीश से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की, कहा कि “यह बीजेपी-आरएसएस से भी बदतर हरकत है।” जेडीयू से कई मुस्लिम नेता इस्तीफा दे चुके हैं।
विपक्ष: आरजेडी, कांग्रेस और सपा ने तीखी आलोचना की। सपा ने कहा कि महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सत्ताधारी पक्ष: जेडीयू ने बचाव किया, कहा कि यह “अनौपचारिक” था और कोई इरादा नहीं था। बीजेपी ने भी समर्थन दिया, लेकिन संजय निषाद के बयान पर विवाद बढ़ा।
सोशल मीडिया: एक्स (पूर्व ट्विटर) पर #NitishKumarHijabControversy ट्रेंड कर रहा है, जहां हजारों पोस्ट विरोध दर्ज करा रहे हैं।

यह मामला तेजी से बढ़ रहा है, और अगले कुछ दिनों में अदालती हस्तक्षेप या नीतीश की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। अगर कोई नया अपडेट आता है, तो मैं बता सकता हूं।

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