मारिया कोरीना मचाडो क्यों हुईं छिपने को मजबूर?

मारिया कोरीना मचाडो, जिन्हें “वेनेजुएला की आयरन लेडी” कहा जाता है, ने 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार जीता है। यह पुरस्कार उन्हें उनके दशकों लंबे संघर्ष, लोकतंत्र की निर्भीक रक्षा और वेनेजुएला के संकटग्रस्त देश में नैतिक नेतृत्व के लिए दिया गया है। नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी के चेयरमैन जॉर्गन वाटने फ्राइडनेस ने घोषणा की कि मचाडो ने नि:शुल्क चुनावों की मांग की, नागरिकों को संगठित किया, मानवाधिकार उल्लंघनों को उजागर किया और विपक्ष की नैतिक चेतना बनी रहीं।
यह पुरस्कार पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पछाड़कर मिला, जिन्हें भविष्यवाणियों में मजबूत दावेदार माना जा रहा था। लेकिन मचाडो का चयन उनके अथक लोकतांत्रिक संघर्ष को मान्यता देता है।

मारिया कोरीना मचाडो 27 जुलाई 2024 को हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति चुनाव के तुरंत बाद छिपने को मजबूर हुईं। चुनाव में शुरुआती मतगणना से पता चला कि उनके सहयोगी एडमुंडो गोंजालेज उरुटिया को भारी बहुमत मिला था, लेकिन निकोलास मादुरो सरकार ने परिणामों को ठीक कर मादुरो को विजेता घोषित कर दिया। विपक्ष और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने इसे धांधलीपूर्ण बताया। इसके बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए, जिन्हें मादुरो शासन ने क्रूरता से दबाया—युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों पर हिंसा की, जैसा कि ह्यूमन राइट्स वॉच ने रिपोर्ट किया। मचाडो को आतंकवादी करार देकर धमकियां मिलने लगीं, और सरकार ने उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की। उन्होंने खुद को बचाने के लिए गायब हो जाना चुना।
14 महीनों का छिपा जीवन: धूप की रोशनी से दूर
पिछले 14 महीनों से मचाडो वेनेजुएला में ही किसी अज्ञात स्थान पर छिपी हुई हैं। इस दौरान वे मुश्किल से धूप की रोशनी महसूस कर पाई हैं—वे स्क्रीन पर हजारों लोगों को देखती हैं, लेकिन आमने-सामने की मुलाकातें न के बराबर हैं। एक बार छोड़कर, जब वे जनवरी 2025 में मादुरो के शपथग्रहण से एक दिन पहले समर्थकों को संबोधित करने निकलीं, तो मोटरसाइकिल की पिछली सीट पर लेटकर भागीं और अस्थायी रूप से हिरासत में ली गईं (जिसे सरकार ने नकारा)। उनके पति, बहनें और 80 वर्षीय मां देश छोड़ चुके हैं, जबकि सबसे बड़ी बेटी आना कोरीना उनके साथ हैं। सबसे छोटा बेटा हेनरिके सबसे पहले गया, फिर रिकार्डो।
छिपे जीवन में उन्होंने खुद बाल काटना और अरेबास (वेनेजुएला का पारंपरिक भोजन) बनाना सीखा, हालांकि शुरुआत में वे कच्चे निकले। वे अनुशासन बनाए रखती हैं: सुबह बिस्तर संवारना, बाहर निकलने जैसा कपड़ा पहनना, हल्का मेकअप लगाना और रोज़री (उनके अभियान का प्रतीक, जिसे 7,000 से ज्यादा समर्थकों ने दिया) पहनना। हर सुबह-रात प्रार्थना करती हैं और काम की योजना बनाती हैं। वे कहती हैं कि यह अलगाव किसी पर ना थोपें, लेकिन यह आत्म-चिंतन और चुनौतियों पर काबू पाने का अवसर है।
मचाडो 20 साल से ज्यादा समय से मादुरो और उनके पूर्ववर्ती ह्यूगो चावेज़ के खिलाफ गठबंधन बना रही हैं। उन्हें संसद से अयोग्य घोषित किया गया, शारीरिक हमले झेलने पड़े, राजद्रोह का आरोप लगा और मादुरो की हत्या की साजिश में फंसाने की कोशिश हुई। 2023 के प्राइमरी में 92% वोटों से जीतने के बावजूद 2024 चुनाव से वंचित रखा गया। फिर भी, छिपकर वे विपक्ष का नेतृत्व कर रही हैं, संगठन बना रही हैं और कहती हैं कि वे “तटस्थ” नहीं हुईं। उनका मानना है कि मादुरो का शासन गोलार्धीय सुरक्षा के लिए खतरा है, जो लोगों को दयनीय रखना चाहता है। वे आंतरिक बदलाव की मांग करती हैं, बिना विदेशी हस्तक्षेप के।
यह पुरस्कार उनके साहस को वैश्विक मान्यता देता है, लेकिन वेनेजुएला में लोकतंत्र की लड़ाई जारी है।31 web pages1.3sHow can Grok help?

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