आधे-अधूरे पुल की क्यों हो रही डेंटिंग-पेंटिंग?

-डीएम साहब को तो मालूम तक नहीं
-‘प्रगति’ वाला भूत तो नहीं सवार

 पटना/मुजफ्फरपुर। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा पर हैं। मुजफ्फरपुर में भी उनका कार्यक्रम है। उनके दौरे से पहले बूढ़ी गंडक नदी पर बने बिना संपर्क मार्ग वाला पुल चर्चा में आ गया। दरअसल, इस पर सफेदी किए जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद जिला प्रशासन को सफाई देनी पड़ी। प्रशासन की ओर से कहा कि इसका मुख्यमंत्री के दौरे से कोई लेना-देना नहीं है। मुख्यमंत्री अपनी प्रगति यात्रा के क्रम में 27 दिसंबर को विकास परियोजनाओं की समीक्षा के लिए मुजफ्फरपुर जिले के दौरे पर आने वाले हैं। बिना संपर्क मार्ग वाले पुल पर सफेदी करने को लोग मुख्यमंत्री के दौरे से जोड़कर देख रहे हैं। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत सेन ने बताया कि बूढ़ी गंडक नदी पर बने बिना संपर्क मार्ग वाले पुल पर सफेदी करने का मुख्यमंत्री के दौरे से कोई लेना-देना नहीं है।
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत सेन ने कहा, ‘पता नहीं इसे 27 दिसंबर के लिए निर्धारित मुख्यमंत्री के दौरे से क्यों जोड़ा जा रहा है? मुख्यमंत्री का इस इलाके में आने का कोई कार्यक्रम ही नहीं है। संबंधित ठेकेदार ही काम (सफेदी) करवा रहा होगा। जिला प्रशासन को इसकी कोई जानकारी नहीं है।’
हालांकि, जिलाधिकारी ने कहा, ‘बूढ़ी गंडक नदी पर बना पुल परियोजना अभी अधूरा है…बूढ़ी गंडक नदी पर बने रहे पुल पर सिर्फ संपर्क मार्ग बनाने का काम बाकी है, बाकी सब पूरा हो चुका है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (बीआरपीएनएनएल) ने संपर्क मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही तेज कर दी है और परियोजना 2025 में पूरी हो जाएगी।’
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से न सिर्फ मुजफ्फरपुर में यातायात जाम कम होगा बल्कि मुजफ्फरपुर और दरभंगा के बीच सफर में लगने वाला समय भी घट जाएगा। मुसहरी के अधिकारियों के अनुसार, पुल का शिलान्यास 2014-2015 में मुख्यमंत्री ने किया था और 45 करोड़ रुपए की इस परियोजना को 2017-2018 तक पूरा किया जाना था। अब बीआरपीएनएनएल के अधिकारियों ने चंदवारा पुल के संपर्क मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
संपर्क मार्ग को छोड़कर इस 130 मीटर लंबे पुल का बाकी निर्माण पूरा हो चुका है। इस बीच, इस परियोजना में हो रही देरी पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, ‘इस परियोजना के पूरा होने में हो रही अत्यधिक देरी ने नीतीश कुमार के बड़े-बड़े दावों की पोल खोल दी है। यह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के बिहार में विकास के बड़े-बड़े दावों के खोखलेपन का सटीक उदाहरण है।’

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