दिल्ली के पानी में अमोनिया के बढ़ते स्तर को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी सीपीसीबी के प्रारंभिक अध्ययन में एक बड़ी वजह सामने आई है। सीपीसीबी के अध्ययन के अनुसार, वजीराबाद में यमुना की तलहटी में जमा गाद (सिल्ट) कच्चे पानी में अमोनिया बढ़ने की बड़ी वजह हो सकती है। अपर यमुना रिवर बोर्ड के निर्देश पर सीपीसीबी की तरफ से किए जा रहे अध्ययन के तहत अमोनिया का स्तर बढ़ने के दौरान वजीराबाद पोंडेज क्षेत्र से पानी और गाद के नमूने लिए गए हैं, जिनकी जांच जारी है। बता दें कि अध्ययन में अमोनिया बढ़ने और इससे राजधानी की जलापूर्ति पर पड़ने वाले असर की वजह भी जांची-परखी जा रही है।
दिल्ली में जल आपूर्ति हो सकती है प्रभावित
वहीं, दिल्ली जल बोर्ड के संयंत्र 1 पीपीएम तक अमोनिया शोधित कर सकते हैं। इससे अधिक स्तर होने पर वजीराबाद और चंद्रावल जलशोधन संयंत्र प्रभावित होते हैं और दिल्ली के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित हो जाती है। वजीराबाद पोंडेज क्षेत्र से करीब 3.87 लाख घन मीटर गाद निकालने की योजना है. मानसून के बाद सितंबर के मध्य से काम शुरू होने की संभावना है।
गाद निकालना स्थायी समाधान नहीं
आपको बता दें कि दिल्ली के वजीराबाद पोंडेज क्षेत्र से लगभग 3.87 लाख घन मीटर गाद निकालने की योजना है और यह काम मानसून खत्म होने के बाद सितंबर के मध्य से शुरू हो सकता है. हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि सिर्फ एक बार गाद निकालने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी, जब तक कि नालों के जरिए यमुना में गिरने वाले नाइट्रोजन की मात्रा को कम नहीं किया जाएगा।
बारिश से मिली लोगों को राहत
उधर, दिल्ली-एनसीआर में मानसूनी बारिश से राहत मिली है, साथ ही शहर के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। आज सुबह भी दिल्ली का मौसम बदला नजर आया। आसमान बादलों से घिरा नजर आया। आईएमडी ने 20 अगस्त को सुबह 8:30 बजे तक के लिए शहर में येलो अलर्ट जारी किया।








