जापान के बाद स्पेन, भारत, सऊदी अरब और कुवैत जैसे देश दुनिया भर के उत्पादन पर हावी हैं. यह सभी देश मिलकर बाजार का एक बड़ा हिस्सा बनाते हैं। जापान के बाद स्पेन, भारत, सऊदी अरब और कुवैत जैसे देश दुनिया भर के उत्पादन पर हावी हैं. यह सभी देश मिलकर बाजार का एक बड़ा हिस्सा बनाते हैं।
चल रहे तेल और गैस संकट ने केरोसिन की मांग को फिर से बढ़ा दिया है. जैसे-जैसे एलपीजी की कीमतें बढ़ रही हैं और इसकी उपलब्धता में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं घर और छोटे कारोबार खाना पकाने और रोशनी के लिए एक भरोसेमंद और सस्ता विकल्प होने के नाते केरोसिन की तरफ फिर से लौट रहे हैं। चल रहे तेल और गैस संकट ने केरोसिन की मांग को फिर से बढ़ा दिया है. जैसे-जैसे एलपीजी की कीमतें बढ़ रही हैं और इसकी उपलब्धता में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं घर और छोटे कारोबार खाना पकाने और रोशनी के लिए एक भरोसेमंद और सस्ता विकल्प होने के नाते केरोसिन की तरफ फिर से लौट रहे हैं।
ईंधन की कमी से निपटने के लिए भारत सरकार ने केरोसिन के भंडारण और बिक्री से जुड़े नियमों में ढील दी है। अब ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के पेट्रोल पंपों को सीमित मात्रा में केरोसिन का स्टॉक रखने और बेचने की अनुमति है. इससे आपूर्ति में रुकावट आने पर यह ईंधन आम लोगों तक आसानी से पहुंच पाता है। ईंधन की कमी से निपटने के लिए भारत सरकार ने केरोसिन के भंडारण और बिक्री से जुड़े नियमों में ढील दी है. अब ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के पेट्रोल पंपों को सीमित मात्रा में केरोसिन का स्टॉक रखने और बेचने की अनुमति है. इससे आपूर्ति में रुकावट आने पर यह ईंधन आम लोगों तक आसानी से पहुंच पाता है। निर्धारित आउटलेट पर 5000 लीटर तक केरोसिन का भंडारण करने की अनुमति मिलने के साथ ही पेट्रोल पंप अब केरोसिन के नए केंद्र बन रहे हैं. इस कदम से इसकी पहुंचे और भी मजबूत हो गई है.
निर्धारित आउटलेट पर 5000 लीटर तक केरोसिन का भंडारण करने की अनुमति मिलने के साथ ही पेट्रोल पंप अब केरोसिन के नए केंद्र बन रहे हैं. इस कदम से इसकी पहुंचे और भी मजबूत हो गई है.
भारत अपनी रिफायनिंग क्षमता का इस्तेमाल करके ना सिर्फ घरेलू जरूरतों को पूरा कर रहा है बल्कि रूस से रियायती दर पर कच्चा तेल खरीद कर यूरोप जैसे क्षेत्रों में भी पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात बढ़ा रहा है। भारत अपनी रिफायनिंग क्षमता का इस्तेमाल करके ना सिर्फ घरेलू जरूरतों को पूरा कर रहा है बल्कि रूस से रियायती दर पर कच्चा तेल खरीद कर यूरोप जैसे क्षेत्रों में भी पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात बढ़ा रहा है।








