सीजेआई ने कहा – हमें जाति के आधार पर समाज को नहीं बांटना चाहिए 

नई दिल्ली। ‘हम चाहे कुछ भी करें, हमें समाज को जाति के आधार पर नहीं बांटना चाहिए।’ भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने मंगलवार को महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव मामले की सुनवाई के दौरान यह बड़ी लकीर खींच दी है। यह टिप्पणी तब आई जब विभिन्न पक्षों ने स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण की 50% सीमा लागू रहने पर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को जमीनी स्तर के लोकतंत्र में प्रतिनिधित्व से वंचित किए जाने की आशंका पर चिंता जताई है। जस्टिस सूर्यकांत ने 24 नवंबर को ही यानी एक दिन पहले ही CJI पद की शपथ ली है।

 

सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने  कहा

 

वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने आरक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि चूंकि महाराष्ट्र के कई इलाकों में आदिवासी आबादी अच्छी-खासी है, इसलिए उन इलाकों में अकेले एससी-एसटी आरक्षण ही 50% होगा। ऐसे में ओबीसी आरक्षण के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। उन्होंने यह भी बताया कि 1931 के बाद से कोई जाति जनगणना नहीं हुई है, लेकिन उन्होंने कहा कि अब एक नई जनगणना प्रस्तावित है, जिससे ओबीसी जनसंख्या प्रतिशत निर्धारित करने में मदद मिलेगी।
 

ओबीसी को बाहर करके लोकतंत्र कैसे कायम होगा

 

वेबसाइट लाइवलॉ की एक खबर के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने यह मानते हुए कि ओबीसी को पूरी तरह से बाहर नहीं किया जा सकता टिप्पणी की- ओबीसी को बाहर करके लोकतंत्र कैसे स्थापित हो सकता है? बाद में, न्यायाधीश ने अपनी राय व्यक्त की कि समाज को जाति के आधार पर विभाजित नहीं किया जाना चाहिए।

 

हम केवल आनुपातिक प्रतिनिधित्व की बात कर रहे हैं

 

जब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि समाज को जाति के आधार पर विभाजित नहीं किया जाना चाहिए, तो इंदिरा जयसिंह ने कहा कि वे केवल आनुपातिक प्रतिनिधित्व की मांग कर रहे थे। यह पहली बार नहीं है जब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने जाति-विभाजन के खिलाफ बात की हो। फरवरी में, बेंगलुरु स्थित एडवोकेट्स एसोसिएशन में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और पिछड़े समुदायों के वकीलों के लिए आरक्षण की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए, न्यायाधीश ने कहा था कि वह बार के सदस्यों को जाति/धर्म के आधार पर विभाजित नहीं होने देंगे।

 

क्या था पूरा मामला, समझ लीजिए पूरी बात

 

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जयमाल्या बागची की पीठ महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के कार्यान्वयन के मुद्दे पर सुनवाई कर रही थी, जो 2021 से रुका हुआ है। दिसंबर 2021 में न्यायालय ने ओबीसी आरक्षण पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि इसे ‘ट्रिपल-टेस्ट’ से संतुष्ट होने के बाद ही लागू किया जा सकता है। बाद में, राज्य सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे की जाँच के लिए मार्च 2022 में जयंत कुमार बंठिया आयोग का गठन किया। बंठिया आयोग ने जुलाई 2022 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। मई 2025 में, सर्वोच्च न्यायालय ने बंठिया आयोग की रिपोर्ट से पहले के कानून के अनुसार ओबीसी आरक्षण देते हुए चार महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया था।

 

कोर्ट ने पिछले हफ्ते ही कहा था-गलत मतलब निकाला

 

पिछले हफ्ते ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य के अधिकारियों ने इस आदेश का गलत अर्थ निकाला है कि आरक्षण 50% से अधिक हो सकता है। यह स्पष्ट करते हुए कि बंठिया से पहले की स्थिति के अनुसार चुनाव कराने का निर्देश 50% की सीमा पार करने की अनुमति नहीं है, पीठ ने मौखिक रूप से कहा था कि आरक्षण अधिकतम सीमा के भीतर होना चाहिए।

  • Related Posts

    न्यायालय ने शर्तों के साथ स्वीकार कर ली जमानत याचिका 
    • TN15TN15
    • March 11, 2026

    केरल उच्च न्यायालय ने हाल ही में यह…

    Continue reading
    ‘THEY FIRED THE FIRST SHOT… न्यायपालिका करप्ट है आप ये सिखाना चाहते हो’, NCERT पर भड़के चीफ जस्टिस
    • TN15TN15
    • February 26, 2026

    सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सोनम वांगचुक की रिहाई पर सपा चीफ अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया, कहा- ‘न सिर्फ जनता को धोखा…’

    • By TN15
    • March 14, 2026
    सोनम वांगचुक की रिहाई पर सपा चीफ अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया, कहा- ‘न सिर्फ जनता को धोखा…’

    तिब्बत की आजादी और भारत की सुरक्षा के संकल्प के साथ दो दिवसीय तिब्बत समर्थन समूह सम्मेलन सम्पन्न

    • By TN15
    • March 14, 2026
    तिब्बत की आजादी और भारत की सुरक्षा के संकल्प के साथ दो दिवसीय तिब्बत समर्थन समूह सम्मेलन सम्पन्न

    थलपति विजय के बेटे जेसन संजय ने मां को किया खुलकर सपोर्ट

    • By TN15
    • March 14, 2026
    थलपति विजय के बेटे जेसन संजय ने मां को किया खुलकर सपोर्ट

    भारत के सामने भीख मांग रहा अमेरिका, जंग के बीच जानें ऐसा क्यों बोले ईरान के विदेश मंत्री अराघची

    • By TN15
    • March 14, 2026
    भारत के सामने भीख मांग रहा अमेरिका, जंग के बीच जानें ऐसा क्यों बोले ईरान के विदेश मंत्री अराघची

    …तो DM-SP को दे देना चाहिए इस्तीफा’, संभल मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने वाले आदेश पर HC नाराज

    • By TN15
    • March 14, 2026
    …तो DM-SP को दे देना चाहिए इस्तीफा’, संभल मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने वाले आदेश पर HC नाराज

    सोनम वांगचुक जेल से होंगे रिहा, लद्दाख हिंसा पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला

    • By TN15
    • March 14, 2026
    सोनम वांगचुक जेल से होंगे रिहा, लद्दाख हिंसा पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला