दरभंगा में ‘सुपर’ इलाज का इंतजार

 जेपी नड्डा करेंगे 150 करोड़ के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन

दीपक तिवारी

दरभंगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के साथ, शनिवार को दरभंगा में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं का जायजा लेंगे और उद्घाटन करेंगे। इस दौरान, वे सोभन बाईपास पर प्रस्तावित एम्स के लिए निर्धारित भूमि का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा, डीएमसीएच परिसर में लंबे समय से बनकर तैयार सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का भी उद्घाटन करेंगे, जो 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। इस महत्वपूर्ण दौरे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दरभंगा के डीएम राजीव रौशन, एसएसपी जगुनाथ रेड्डी, सांसद गोपाल जी ठाकुर और विधायक संजय सरावगी ने तैयारियों का जायजा लिया है।
हालांकि, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के उद्घाटन को लेकर कुछ चिंताएं भी हैं। सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए पर्याप्त संख्या में टेक्नीशियन नहीं हैं। इस बारे में डीएमसीएच प्रशासन फिलहाल चुप्पी साधे हुए है। शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डीएमसीएच के सात विभागों का उद्घाटन करेंगे। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उन्नत आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर, कैथलैब के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा तकनीक से लैस है।
हालांकि, उद्घाटन के बाद भी मरीजों को इंडोर सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। इसके लिए दक्ष टेक्नीशियन और कर्मचारियों की नियुक्ति जरूरी है। बिना टेक्नीशियन के अस्पताल की जांच मशीनें और कैथलैब बेकार साबित होंगे। डीएमसीएच प्रशासन ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग से कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की है। विभाग की ओर से टेक्नीशियन और स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति के बाद ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का पूरा लाभ मिथिला के लोगों को मिल पाएगा।
इस पांच मंजिला अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर एडमिशन, इमरजेंसी, पैथोलॉजी जांच केंद्र और रेडियोलॉजी विभाग पहले से ही काम कर रहे हैं। पहली मंजिल पर नेफ्रोलाजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी विभागों के ओपीडी चल रहे हैं। दूसरी मंजिल पर बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग है, जबकि तीसरी मंजिल पर न्यूरोसर्जरी और न्यूरोलॉजी विभाग हैं। चौथी मंजिल पर कार्डियोलॉजी और सीटीवीएस की सुविधा है। पाँचवीं मंजिल पर ऑपरेशन थियेटर, कैथ लैब, एनेस्थीसिया, आईसीयू और सीसीयू मौजूद हैं। अस्पताल के सभी आठ विभागों में 20-20 बेड की सुविधा है। प्री-ओपीडी, पोस्ट-ओपीडी, कैथलैब, डायलिसिस और आईसीयू के लिए 50 बेड हैं। सभी 210 बेड पर मरीजों का इलाज शुरू होने से मिथिला में स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा मिलेगी।

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