नई दिल्ली । नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के सभागार में 27 दिसम्बर 2025 को आयोजित “अवार्ड समारोह” में भारत सरकार के नीति आयोग,श्रम एवं रोजगार मंत्रालय,आयुष मंत्रालय,एम एस एम ई मंत्रालय,आई एस ओ एवं यूनाइटेडनेशंस से पंजीकृत-संबद्ध एवं मान्यता प्राप्त आइकोनिक पीस अवार्ड कौंसिल ( IPAC )भारत, के सौजन्य से आयोजित समारोह में श्री विद्या प्रकाश कुरील को डाॅक्टरेट (मानद) उपाधि से विभूषित किया गया। चयन प्रक्रिया हेतु आयोजन/चयन समिति ( IPAC ) के अपेक्षित निर्धारित मानदंडों, मानक,योग्यता, पात्रता, के संदर्भ में 1995 से अबतक लगभग 30 वर्ष के समाजहित में किए गए सक्रिय संघर्ष एवं लेखन से संबंधित दस्तावेजों, समाचार पत्रों की कटिंग्स, फोटोज़, अबतक प्राप्त विभिन्न अवार्ड – पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्रों, साक्षात्कार, प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियोज, लाईव प्रसारण किलिप्स, आदि का क्रमशः विवरण मेरे द्वारा प्रेषित किया गया । विधिवत चयन हुआ। आमंत्रित किया गया, समयानुसार समारोह में उपस्थित हुआ।
समारोह में अनेक विषय विशेषज्ञ, लब्ध प्रतिष्ठित सेवानिवृत्त वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, आईएएस, समाजशास्त्री, न्यायाधीश, उद्यमी मंचासीन व पत्रकार उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है,विद्या प्रकाश कुरील को यह डाॅक्टरेट (मानद) उपाधि मेरे द्वारा विगत तीस वर्षों से समाज हित में निरंतर सक्रिय संघर्ष एवं लेखन के क्षेत्र में अभूतपूर्व उच्चकृष्टता हासिल करने के मूल्यांकन एवं अपेक्षित अंतर्राष्ट्रीय पहचान सुनिश्चित कराने के अवसर प्रदान कराने हेतु प्रदान की गई है।
“हिस्सा आन्दोलन” के माध्यम से मैंने समाज के प्रत्येक वर्ग को देश के धन- धरती- सत्ता और व्यवस्था में जनसंख्या के आधार पर सामाजिक,आर्थिक,शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों में संतुलित एवं अनुपातिक हिस्सेदारी पर अधिपत्य स्थापित व सुनिश्चित कराने की मुहिम के अंतर्गत मैंने विगत तीस वर्षों में भारत के 19 राज्यों,69 जिलों, राजधानी नई दिल्ली सहित संपर्क यात्राएं,धरना, प्रदर्शन,सेमिनार, प्रेस वार्ता,सम्मेलनों आदि का आयोजन करते हुए महामहिम राष्ट्रपति जी को संबोधित 20 सूत्रीय मांगों के ज्ञापन की प्रतियां समय-समय पर महामहिम राज्यपालों, मा.आयुक्तों, मा.जिलाधीशों को निरंतर सौंपें हैं। उपरोक्त विषयक संघर्ष बिन्दु ही मेरा जीवन संकल्प व उद्देश्य है जो मेरे सक्रिय संघर्ष एवं मेरी लिखित/प्रकाशित पुस्तकों-कविताओं-संबोधनों और उद्धबोधनों में भी अवलोकित होता है।







