8 दिसंबर को लोकसभा के शीतकालीन सत्र में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर चर्चा के दौरान एक बड़ा राजनीतिक विवाद छिड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा, तो कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। मसूद ने नेहरू की उदारता और देश की नींव रखने की सराहना करते हुए कहा कि “पंडित जी न होते तो तुम भी न होते”।
पीएम मोदी का बयान
पीएम मोदी ने लोकसभा में नेहरू पर आरोप लगाया कि 1937 में मुस्लिम लीग के नेता मोहम्मद अली जिन्नाह ने वंदे मातरम के खिलाफ नारा लगाया था, लेकिन नेहरू ने इसका विरोध करने के बजाय इसकी जांच शुरू कर दी। उनका बयान कुछ इस प्रकार था:
“वंदे मातरम् के प्रति मुस्लिम लीग की विरोध की राजनीति तेज होती जा रही थी, मोहम्मद अली जिन्नाह ने लखनऊ से 15 अक्टूबर 1937 को वंदे मातरम् के विरुद्ध नारा बुलंद किया। फिर कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को अपना सिंहासन डोलता दिखा, जवाहरलाल नेहरू ने मुस्लिम लीग के आधारहीन बयानों को करारा जवाब देने, निंदा करने की बजाय, उल्टा वंदे मातरम् की पड़ताल शुरू कर दी।”
इमरान मसूद का जवाब
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत में बीजेपी और पीएम मोदी पर पलटवार किया। उन्होंने नेहरू को देश का आधार बताया और कहा कि बीजेपी की विचारधारा भी नेहरू के योगदान पर टिकी है। उनके प्रमुख बयान इस प्रकार हैं:
“नेहरू जी के ब्लू प्रिंट पर देश खड़ा है, इनके बुनियाद पर देश नहीं खड़ा है। ये तो देश बेच रहे हैं, नेहरू जी ने देश को आत्मनिर्भर बनाया है।”
“पंडित नेहरू दिन-रात उनके सपनों में आते हैं। अगर पंडित जी नहीं होते तो आप यहां नहीं होते और आपकी आइडियोलॉजी नहीं होती। सरदार पटेल ने इसे बंद कर दिया था, और उन्होंने लिखा था कि, अगर वे ज़िंदा होते, तो आपकी आइडियोलॉजी कभी पैदा नहीं होती।”
“पंडित नेहरू बहुत उदार थे, उन्होंने कहा कि हमें सबको साथ लेकर चलना है। पंडित जी ने सभी आइडियोलॉजी को अपनाया-उनका दिल बहुत बड़ा था। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को अपनी सरकार में शामिल किया और आप पर से बैन हटा दिया।”
“बीजेपी कांग्रेस और गांधी परिवार से डरती है। असल में उन्होंने (हिंदू महासभा) ही मुस्लिम लीग के साथ मिलकर (1940 के दशक में) सरकार बनाई थी। जिन्होंने माफी मांगी है वह लोग आज वंदे मातरम् की बात कर रहे हैं।”
मसूद ने बीजेपी को नेहरू-विरोधी बताते हुए कहा कि नेहरू ने सभी विचारधाराओं को अपनाया, जबकि बीजेपी वर्तमान में देश को “बेच” रही है। उन्होंने हिंदू महासभा पर भी जिन्ना के साथ गठबंधन का आरोप लगाया।








