खंडवा। देशभर में जहां गणेश विसर्जन की धूम थी और श्रद्धालु हर्षोल्लास के साथ बप्पा को विदाई दे रहे थे, वहीं खंडवा जिले के नाहल्दा गांव में यह उत्सव पलभर में गहरे मातम में बदल गया। गांव के समीप स्थित एक गिट्टी खदान के गहरे पानी में गणेश प्रतिमा विसर्जित करने उतरे दो सगे भाइयों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान विश्वास और लक्ष्य के रूप में हुई है, जो भाजपा मंडल उपाध्यक्ष मोंटू ठाकुर के बेटे थे। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ हादसा
खंडवा होमगार्ड कमांडेंट आशीष कुशवाहा ने जानकारी देते हुए बताया कि नाहल्दा गांव के पांच युवा, विश्वास, लक्ष्य, वैभव, गौतम और लकी गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए पास ही स्थित गिट्टी खदान पहुंचे थे। करीब 50 फीट गहरी इस खदान में बारिश का पानी भरने से इसने एक बड़े और खतरनाक तालाब का रूप ले लिया था। विसर्जन के दौरान दोनों सगे भाई पानी में उतरे, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण वे गहरे भंवर में फंस गए।
उन्हें डूबता देख बाकी तीन साथी भी बचाने के लिए कूदे, लेकिन वे भी संकट में आ गए। शोरगुल सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तीन युवकों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दोनों भाई गहरे पानी में लापता हो गए।
आधी रात तक बैठी रहीं विधायक
हादसे की खबर मिलते ही खंडवा जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। होमगार्ड और स्थानीय गोताखोरों की मदद से शाम 4 बजे ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। खदान की अत्यधिक गहराई को देखते हुए ओंकारेश्वर से विशेष गोताखोरों की टीम बुलवाई गई। खंडवा विधायक कंचन तन्वे अपने सभी पूर्व निर्धारित धार्मिक कार्यक्रम छोड़कर आधी रात तक घटनास्थल पर डटी रहीं और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
अवैध उत्खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यहां नियमों को ताक पर रखकर अवैध उत्खनन किया गया और 50 फीट गहरे जानलेवा गड्ढे को बिना किसी सुरक्षा घेरे या फेंसिंग के खुला छोड़ दिया गया था। ग्रामीणों ने विधायक से मांग की है कि ऐसे खतरनाक गड्ढे खोदने वाले खनन माफिया और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। विधायक ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। दोनों भाइयों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।