अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल-ईरान युद्ध के बीच G7 शिखर सम्मेलन को बीच में छोड़कर वाशिंगटन लौटने का फैसला किया, जिसके पीछे मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को वजह बताया गया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की कि ट्रंप राष्ट्रीय सुरक्षा और महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने के लिए जल्दी लौट रहे हैं।
ट्रंप ने तेहरान के नागरिकों को तुरंत शहर खाली करने की चेतावनी दी और कहा कि ईरान इस युद्ध में जीत नहीं सकता। उन्होंने G7 के उस मसौदा बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, जिसमें इजरायल-ईरान संघर्ष को कम करने की अपील थी। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को बातचीत के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि अभी भी समझौते का समय है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप के जल्दी लौटने को सकारात्मक बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मध्य पूर्व में सीजफायर हासिल करना है।
वहीं, G7 देशों ने इजरायल का खुलकर समर्थन किया और ईरान पर तनाव कम करने का दबाव बनाया, साथ ही यह स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने का अधिकार नहीं है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सुलह कराई और अब इजरायल-ईरान युद्ध को रोकने की कोशिश करेंगे।






