ईरान की शर्तों के नहले पर ट्रंप ने फेंका दहला! भेजी 15 मांगों की लिस्ट, कैसे रुकेगी जंग?

अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग के 26वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 15 सूत्री शांति योजना भेज दी है। इस प्लान का मकसद जंग को जल्द खत्म करना, हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रोक लगाना है।

ट्रंप ने कहा कि पिछले दो दिनों में ‘बहुत अच्छी और उपयोगी’ बातचीत हुई है। उन्होंने ईरान पर पावर प्लांट पर हमला 5 दिन के लिए टाल दिया है ताकि 15 सूत्री समझौते पर आगे चर्चा हो सके. प्लान पाकिस्तान के जरिए ईरान को भेजा गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद बातचीत होस्ट करने की पेशकश की है और ट्रंप ने उनकी पोस्ट को रीशेयर भी किया।

 

ट्रंप के 15 सूत्री प्लान की मुख्य बातें क्या हैं?

 

1 महीने का तुरंत सीजफायर: दोनों तरफ से हमले तुरंत बंद हों, ताकि बातचीत हो सके।
परमाणु हथियार कभी नहीं: ईरान लिखित गारंटी दे कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
सभी परमाणु क्षमताएं खत्म: ईरान की मौजूदा परमाणु सुविधाओं को पूरी तरह नष्ट या डिसेबल करना। यूरेनियम स्टॉक बाहर भेजना: ईरान में संवर्धित यूरेनियम का पूरा स्टॉक देश से बाहर (अमेरिका या तीसरे देश) भेजना होगा।
यूरेनियम संवर्धन बंद: ईरानी धरती पर किसी भी स्तर का यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करना.
फ्यूल सुविधा ईरान के बाहर: अगर सिविलियन न्यूक्लियर प्रोग्राम चलाना हो तो फ्यूल बनाने की सुविधा ईरान के बाहर रहेगी और UN की निगरानी में होगी।
बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम खत्म: ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों और संबंधित मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट करना। प्रॉक्सी ग्रुप्स को सपोर्ट बंद: हिजबुल्लाह, हमास समेत सभी प्रॉक्सी गुटों को हथियार और फंडिंग देना बंद करना। इजरायल पर हमले बंद: हिजबुल्लाह समेत किसी भी गुट के जरिए इजरायल पर हमले रोकने की गारंटी। होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोलना: गैर-दुश्मन जहाजों के लिए स्ट्रेट पूरी तरह खुला और सुरक्षित रखना. ईरान ट्रांजिट फीस ले सकता है।
अमेरिकी और इजरायली जहाजों की सुरक्षा: होर्मुज में अमेरिकी और इजरायली जहाजों को सुरक्षित गुजरने की गारंटी। प्रतिबंधों में आंशिक राहत: कुछ आर्थिक प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं, लेकिन राहत का पैसा सिर्फ मानवीय कामों (दवाइयां, खाद्य सामग्री) के लिए इस्तेमाल हो।
UN की निगरानी: पूरे समझौते की निगरानी संयुक्त राष्ट्र या अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां करेंगी.
आर्थिक सहयोग की संभावना: अगर शर्तें पूरी हों तो ईरान की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए कुछ आर्थिक सहयोग की बात।
स्थायी शांति और सत्यापन: लंबे समय तक कोई उल्लंघन न हो, इसके लिए सख्त सत्यापन तंत्र बने। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने तेल और गैस से जुड़ा ‘बहुत बड़ा तोहफा’ दिया है. बातचीत में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर शामिल हो सकते हैं।

 

ईरान का रुख अभी सख्त

ईरान ने कोई सीधी बातचीत होने से इनकार किया है. तेहरान ने अपनी मांगें दोहराई हैं…

अमेरिका के सभी गल्फ बेस बंद हों
सभी प्रतिबंध हटाएं जाएं
युद्ध का पूरा नुकसान भरपाई हो
इजरायल हिजबुल्लाह पर हमले बंद करे
होर्मुज पर ईरान का पूरा नियंत्रण रहे.
ईरान ने कहा कि ट्रंप ने पहले दो बार धोखा दिया, तीसरी बार नहीं फंसेंगे.

 

ट्रंप से जंग जारी रखने की अपील कर रहा ईरान

 

इजरायली अधिकारी ट्रंप के सीजफायर प्लान से चौंक गए हैं. वे ट्रंप से जंग जारी रखने की अपील कर रहे थे। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने आज ही कहा कि सेना लिटानी नदी तक दक्षिणी लेबनान पर कब्जा करेगी और वहां ‘आतंकवाद वाले इलाके’ में कोई घर या नागरिक नहीं रहेंगे।

हिजबुल्लाह ने हाइफा और नाहारिया पर 30 से ज्यादा रॉकेट दागे, एक महिला की मौत.
ईरान ने इजरायल की एयरोस्पेस फैक्टरियों पर ड्रोन हमले किए।
इजरायल ने शिराज एयरपोर्ट समेत ईरानी ठिकानों पर हमले जारी रखे.
बहरीन में अमेरिकी बेस पर फिर धमाके.
अमेरिका ने क्षेत्र में 3000 से ज्यादा अतिरिक्त सैनिक भेजे.
होर्मुज में तनाव के बावजूद ट्रंप के प्लान की खबर से तेल की कीमतें थोड़ी घटीं, लेकिन अभी भी ऊंची बनी हुई हैं. रिलायंस ने ईरान से 5 मिलियन बैरल क्रूड खरीदा है, जो 30 दिन की अमेरिकी छूट का फायदा उठाते हुए हुआ. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप से फोन पर बात की और इलाके में शांति तथा हॉर्मुज को खुला-सुरक्षित रखने की अपील की है. भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

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