तृणमूल कांग्रेस का साथ छोड़कर एनडीए गठबंधन में शामिल होने वाले बागी सांसदों को लेकर TMC सांसद सौगत रॉय ने बड़ा दावा किया है। शनिवार को उन्होंने कहा कि बीजेपी गठबंधन में जाने वाले टीएमसी के बागी सांसद अब वहीं असहज महसूस कर रहे हैं और उन पर सत्ता पक्ष के साथ बने रहने के दबाव भी डाला जा रहा है। न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक रॉय ने टीएमसी के पूर्व नेताओं के पार्टी में लौटने की खबरों पर कहा कि उनमें से कुछ उनके संपर्क में हैं। टीएमसी सांसद ने कहा, ‘मैंने उनमें से कुछ से बात की है। वे भाजपा में असहज हैं। शायद उन पर पार्टी में बने रहने के लिए दबाव और धमकी डाली जा रही है। अगर वे लौट आते हैं तो यह अच्छी बात होगी. मैंने इस बारे में अपने पार्टी नेताओं से भी बात की है।
क्या बोले सौगत रॉय?
उन्होंने कहा, ‘मुझे बताया गया है कि एनसीपी नेता अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान एनडीए में शामिल नहीं होना चाहते, वे भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करना चाहते, इसीलिए उन्होंने इसका बहिष्कार किया। बातचीत चल रही है. अभी तक कुछ भी अंतिम रूप नहीं दिया गया है. जब उन्होंने TMC छोड़ी थी, तब यह तय नहीं था कि वे भाजपा में शामिल होंगे. इन लोगों के लिए अपने समुदाय के प्रति जवाबदेह होना मुश्किल होता जा रहा है।
NDA की बैठक से नदारद रहे थे NCPI के तीन सांसद
सौगत रॉय का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब बीते मंगलवार (28 जुलाई) को एनसीपीआई की बैठक में तीन नेता शामिल नहीं हुए थे. इसके बाद पार्टी के भीतर मतभेद की अटकलें सामने आई थीं. NCPI ने इनको खारिज करने की कोशिश की, लेकिन टीएमसी नेताओं की मानें तो यह तीनों सांसद भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल नहीं होना चाहते।
एनसीपीआई नेता अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान एनडीए की बैठक से नदारदर रहे थे. केंद्र में सत्ताधारी गठबंधन की बैठक में पार्टी की यह पहली मौजूदगी थी. विधानसभा चुनावों में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने पार्टी छोड़ दी थी और उन्होंने राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी (एन.डी.) में शामिल होने की घोषणा की थी. पार्टी ने कहा कि वह एनडीए का समर्थन करेगी।

