नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले दिनों हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से कुछ लोगों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया था, इन वीडियोज पर बॉलीवुड के कई एक्टर्स और स्पोर्टस सेलिब्रेटीज की टिप्पणियां आई हैं। अब शिवसेना (यूबीटी) की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इन सेलिब्रेटीज को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा, फिल्मी, स्पोर्ट्स हस्तियां जो आंदोलन में अभी तक चुप रहीं। वह अब प्रदर्शनकारियों को नसीहत दे रहे हैं।’
प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘ऐसे स्पोर्ट्स मैन और अभिनेताओं को देखकर हैरानी होती है, जो पूरे आंदोलन के दौरान खामोश रहे, लेकिन अब खराब भाषा पर ज्ञान दे रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि वह लैंगिक आधार पर की जाने वाली गाली-गलौज से सहमत नहीं हैं, लेकिन जिन सेलिब्रिटी इन्फ्लुएंसर्स ने अचानक अपनी आवाज पाई है, उनका यह रवैया भी सवालों के घेरे में है।
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प्रियंका चतुर्वेदी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब एक्टर जिमी शेरगिल, भूमि पेडनेकर, कंगना रनौत समेत कई कुछ हस्तियों द्वारा प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा के बारे में कमेंट किया था।
कंगना रनौत ने क्या कहा?
कंगना रनौत ने कुछ युवा पीढ़ी जेन-जी और छात्र प्रदर्शनों द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा या रील्स बनाने और विरोध प्रदर्शनों के तौर-तरीकों पर कड़ा ऐतराज जताया था। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और युवा वर्ग ने उन्हें घेर लिया और उनके पुराने वीडियो भी वायरल होने लगे थे। विरोध बढ़ने के बाद कंगना ने एक और वीडियो जारी कर सफाई दी कि उनका उद्देश्य पूरी पीढ़ी का अपमान करना नहीं था बल्कि केवल सड़क पर अशोभनीय व्यवहार करने वालों की आलोचना करना था।
जिमी शेरगिल ने क्या कहा?
वेब सीरीज ऑपेशन सफेद सागर के प्रमोशन के दौरान जिमी शेरगिल ने कहा, ‘हमारे जमाने में 99 प्रतिशत बच्चे आर्म्ड फोर्सेस में जाना चाहते थे। मैंने भी फौज में जाने के लिए अप्लाई किया था, लेकिन मैं क्वालीफाई नहीं आ पाया था। मैं नहीं कर पाया था। उन्होंने आगे कहा, आज युवा फौज में आज युवा उसमें उतनी रुचि नहीं रखते, क्योंकि उनका ध्यान मोबाइल फोन और रील्स पर है।’
भूमि पेडनेकर ने क्या कहा?
एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान वायरल हुए कुछ वीडियो में इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर चिंताई जताई, खासकर पीएम मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा पर। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार भारत के आदर्शों के अनुरूप नहीं है और युवाओं से अपील की कि वे अपनी असहमति जताते समय भी शालीनता से बात करें।








