इन देशों के पास अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइल! 

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया एक बार फिर मिसाइलों के साये में खड़ी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने वैश्विक सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के मिसाइल अड्डों पर बंकर बस्टर बमों से किए गए हमलों के बाद अब चर्चा इस बात की है कि क्या किसी देश के पास ऐसी ताकत है जो सीधे अमेरिका की धरती को निशाना बना सके? इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) तकनीक ने युद्ध के मैदान को हजारों किलोमीटर दूर तक फैला दिया है।

 

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य टकराव

 

मिडिल ईस्ट में चल रही खींचतान अब आर-पार की जंग में तब्दील हो चुकी है। तेल की वैश्विक सप्लाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने के लिए अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। खबरों की मानें तो अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के उन रणनीतिक मिसाइल अड्डों को तबाह कर दिया है, जहां से व्यापारिक जहाजों पर हमले किए जा रहे थे। इस ऑपरेशन में अमेरिका ने अपने 5,000 पाउंड वजनी ‘बंकर बस्टर’ बमों का इस्तेमाल किया है, जो जमीन की गहराई में बने कंक्रीट के किलों को भी भेद सकते हैं।

 

दुनिया का सबसे बड़ा मिसाइल जखीरा किसके पास?

 

जब बात अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइलों की आती है, तो रूस इस सूची में सबसे ऊपर खड़ा है। रूस के पास ‘टोपोल-एम’ जैसी घातक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जिनकी मारक क्षमता 11,000 किलोमीटर से भी ज्यादा है। रूस की मिसाइल तकनीक इतनी उन्नत है कि वे उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उड़कर अमेरिका के किसी भी शहर को निशाना बना सकती हैं।  परमाणु हथियारों से लैस इन मिसाइलों के कारण ही शीत युद्ध के समय से ही रूस और अमेरिका के बीच एक रणनीतिक संतुलन बना हुआ है।

चीन की बढ़ती ताकत और डीएफ-41 मिसाइल

 

मिसाइल रेस में चीन दूसरे नंबर पर आता है, जिसने पिछले कुछ दशकों में अपनी सैन्य तकनीक को जबरदस्त तरीके से आधुनिक बनाया है। चीन के पास ‘डीएफ-41’ (Dongfeng-41) जैसी मिसाइलें हैं, जो महज 30 मिनट के भीतर अमेरिका की धरती तक पहुंचने में सक्षम हैं. चीन न केवल जमीन से बल्कि अपनी पनडुब्बियों से भी लंबी दूरी की मिसाइलें छोड़ने की ताकत रखता है। बीजिंग की यह बढ़ती क्षमता वाशिंगटन के लिए हमेशा से चिंता का विषय रही है, क्योंकि चीन की मिसाइलें पूरे महाद्वीपीय अमेरिका को अपनी जद में लेती हैं।

 

उत्तर कोरिया का आक्रामक मिसाइल कार्यक्रम

 

उत्तर कोरिया दुनिया का वह देश है जिसने अपनी मिसाइल क्षमता से पूरी दुनिया को हैरान किया है। आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद किम जोंग-उन के नेतृत्व में इस देश ने ऐसी आईसीबीएम (ICBM) विकसित कर ली हैं, जो सीधे अमेरिका तक पहुंच सकती हैं। उत्तर कोरिया ने हाल के वर्षों में कई सफल परीक्षण किए हैं, जो यह साबित करते हैं कि उनकी मिसाइलें परमाणु पेलोड ले जाने और लंबी दूरी तय करने में सक्षम हैं. उनकी मिसाइलों का मुख्य लक्ष्य ही अमेरिका और उसके सहयोगियों को डराना और दबाव में रखना है।

 

ईरान की 10,000 किलोमीटर रेंज वाली मिसाइल का दावा

 

ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा युद्ध के बीच तेहरान ने एक बड़ा दावा किया है। ईरान ने हाल ही में ऐसी मिसाइल तकनीक का अनावरण किया है, जिसके बारे में उसका कहना है कि इसकी रेंज 10,000 किलोमीटर तक है. यदि यह दावा सच साबित होता है, तो इसका सीधा मतलब है कि ईरान के पास अब अमेरिका और इजरायल के खिलाफ एक बड़ा रक्षा कवच तैयार है. हालांकि विशेषज्ञ अभी भी ईरान की इस क्षमता के पूर्ण परीक्षण को लेकर संशय में हैं, लेकिन मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात में यह खबर बेहद संवेदनशील है।

 

भारत और इजरायल की लंबी दूरी की मिसाइलें

 

भारत और इजरायल भी उन चुनिंदा देशों में शामिल हैं जिनके पास उन्नत मिसाइल तकनीक मौजूद है। भारत की ‘अग्नि’ सीरीज की मिसाइलें, विशेष रूप से अग्नि-5, लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता रखती हैं. हालांकि भारत की सैन्य नीति रक्षात्मक है और इसकी मिसाइलें मुख्य रूप से क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए हैं, लेकिन तकनीक के मामले में भारत किसी से पीछे नहीं है। इसी तरह इजरायल की ‘जेरिको’ मिसाइल प्रणाली भी काफी उन्नत मानी जाती है, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।

ब्रिटेन और फ्रांस

यूरोप में ब्रिटेन और फ्रांस दो ऐसे देश हैं जिनके पास परमाणु संपन्न लंबी दूरी की मिसाइलें हैं, फ्रांस की समुद्री और जमीनी मिसाइल प्रणालियां काफी आधुनिक हैं, जबकि ब्रिटेन अपनी परमाणु क्षमता के लिए मुख्य रूप से पनडुब्बियों पर निर्भर है। चूंकि ये दोनों देश अमेरिका के साथ नाटो (NATO) गठबंधन में शामिल हैं, इसलिए इनकी मिसाइलों को अमेरिका के लिए खतरा नहीं बल्कि उसकी सुरक्षा का हिस्सा माना जाता है. लेकिन वैश्विक स्तर पर ये देश मिसाइल तकनीक के बड़े खिलाड़ी हैं।

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