भारत सरकार ने देश में लॉकडाउन लगाने की सभी अफवाहों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि “नहीं, नहीं, ये सब कौन अफवाह उड़ा रहा है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई योजना नहीं है और ये खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा: “लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे समय में अफवाह फैलाना गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक है।” उन्होंने लोगों से शांत रहने और जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी संसद में कहा कि “कोविड जैसा कोई लॉकडाउन नहीं लगेगा।” उन्होंने कुछ राजनीतिक नेताओं द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों को “बेबुनियाद और चिंताजनक” बताया।
अफवाहें क्यों फैलीं?
पश्चिम एशिया (ईरान-अमेरिका-इजरायल) में चल रहे तनाव के कारण तेल-गैस सप्लाई चेन पर असर की आशंका।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संसदीय भाषण में “संकट की तैयारी” और “कोविड जैसी एकजुटता” वाले बयान की गलत व्याख्या।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट, जिनमें लॉकडाउन या “एनर्जी लॉकडाउन” की अटकलें लगाई जा रही थीं।
सरकार ने जोर देकर कहा है कि:
ईंधन सप्लाई सामान्य है।
सभी रिफाइनरी पूरी क्षमता से चल रही हैं।
एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है।
जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है।








