यह भारत के लिए वाकई राहत और बड़ी खुशखबरी है। मिडिल ईस्ट (ईरान-अमेरिका/इजरायल) में चल रहे तनाव और जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से दो और भारतीय LPG टैंकर सुरक्षित गुजर चुके हैं।
क्या हुआ?
Pine Gas और Jag Vasant नाम के दो भारतीय-ध्वज वाले LPG टैंकर होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं।
इनमें कुल 92,000 टन से ज्यादा LPG (खाना पकाने की गैस) है — जो भारत में लगभग एक दिन की जरूरत के बराबर है।
Pine Gas (~45,000 टन LPG) न्यू मंगलौर पोर्ट पहुंचने वाला है।
Jag Vasant (~47,612 टन LPG) कांडला (गुजरात) पहुंचने वाला है।
ये जहाज अब भारतीय नौसेना (Indian Navy) के युद्धपोतों के एस्कॉर्ट में भारत की ओर बढ़ रहे हैं और 26-28 मार्च तक पहुंचने की उम्मीद है।
नेवी की भूमिका
भारतीय नौसेना पूरी तरह मुस्तैद है।
Operation Urja Suraksha और पहले से चल रहे Operation Sankalp के तहत 5 से ज्यादा फ्रंटलाइन युद्धपोत (जिसमें विशाखापत्तनम क्लास डिस्ट्रॉयर शामिल) होर्मुज के पास और गल्फ ऑफ ओमान में तैनात किए गए हैं।
नेवी इन जहाजों को एस्कॉर्ट कर रही है, ताकि कोई खतरा न हो।
पहले भी Shivalik, Nanda Devi जैसे LPG टैंकर और Jag Laadki जैसे क्रूड ऑयल टैंकर सुरक्षित निकाले जा चुके हैं। कुल मिलाकर कई जहाजों को निकाला गया है, जबकि 18-22 भारतीय जहाज अभी भी क्षेत्र में हैं जिनकी सुरक्षित निकासी की कोशिश जारी है।
क्यों महत्वपूर्ण?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल-गैस रास्ता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा (LPG, LNG, क्रूड ऑयल) खाड़ी देशों से आयात करता है। जंग के कारण रूट प्रभावित होने से ऊर्जा संकट का खतरा था, लेकिन कूटनीति (ईरान के साथ संपर्क) + नेवी की तैनाती से ये जहाज निकल पाए। ईरान ने भारत (और कुछ अन्य देशों) के जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है। भारत सरकार ने भी कहा है कि पर्याप्त स्टॉक है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यह भारतीय नौसेना की तैयारियों, कूटनीतिक प्रयासों और ऊर्जा सुरक्षा की मजबूती को दिखाता है।








