गेहूं की हार्वेस्टिंग के लिए रीपर कम बाइंडर का उपयोग करने की जरूरत : डा. आरके तिवारी

 रीपर कम बाइंडर से समय एवं लागत दोनो में ही बचत 

समस्तीपुर पूसा डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विवि पुसा एवं इसके अधीनस्थ कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली के प्रक्षेत्र में ट्रैक्टर चालित रीपर कम बाइंडर मशीन एवं स्वचालित रीपर कंबाइंडर द्वारा गेहूं के फसल की कटाई वैज्ञानिकों के समक्ष कराई जा रही हैं। केवीके के हेड डॉ. आरके तिवारी ने बताया कि यह मशीन श्रम में कटौती करते हुए किसानों को अधिक से अधिक फायदा पहुंचाने का काम करती है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व कंबाइन हार्वेस्टर के द्वारा गेंहू के फसल की कटाई कराई जाती थी। कंबाइन हार्वेस्टर से गेंहू के फसल की कटाई कराने के पश्चात भूसा के लिए जो गेंहू के अवशेष बच जाते थे वे बर्बाद हो जाते थे। इस समस्या को दूर करने के लिए इस साल से रीपर कम बाइंडर का उपयोग किया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में समस्तीपुर जिले के खेतों में रबी फसल की कटाई चल रही है। फसल कटाई के लिए बहुत ज्यादा श्रमिकों की आवश्यकता होती है और एक ही समय में इतने श्रमिक उपलब्ध नहीं हो पाते हैं जिस कारण गेहूं की कटाई में देरी हो जाती है। कटाई में देरी की वजह से गेहूं अधिक पकने लगता है और जिससे किसानों को हानि पहुँचती है। उन्होंने बताया कि गेहूं की कटाई किसानों को लगभग 18 से 20 प्रतिशत नमी पर ही कर लेनी चाहिए अन्यथा जैसे-जैसे गेहूं सूखने लगती है इसमें होने वाली हानि की संभावना भी बढ़ने लगती है। उन्होंने बताया कि निश्चित कटाई समय से अगर एक सप्ताह कटाई में देरी होती है तो हानि की संभावना लगभग 3 प्रतिशत तक देखी गई है। अगर कटाई में दो सप्ताह की देरी होती है तो हानि की संभावना 7 प्रतिशत तक देखी गई है और अगर इससे भी देर कटाई होती है तो इससे अत्यधिक हानि की संभावना देखी गई है। ऐसी स्थिति में कटाई में मशीनीकरण काफी आवश्यक है ताकि सही समय पर एवं सही नमी पर गेहूं की कटाई की जा सके और किसानों को कटाई उपरांत होने वाले हानि से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वचालित रीपर कंबाइंडर की दक्षता काफी अच्छी है। इसकी फील्ड क्षमता लगभग 0.4 हेक्टेयर प्रति घंटा है। इसकी कटर बार की लंबाई लगभग 4 फीट है एवं 10 हॉर्स पावर के डीजल इंजन से चालित है। यह गेहूं की कटाई के साथ-साथ धान, जौं एवं अन्य दाने वाली फसलों जिसकी लंबाई 85 सेंटीमीटर से 110 सेंटीमीटर तक है उसकी भी कटाई करता है। अतः किसानों को जिन कामों को करने में पहले कई दिन लग जाते थे अब उस काम को किसान कुछ घंटे में ही कर सकते हैं। यह मशीन फसल की कटाई के साथ-साथ रस्सी से उसका बंडल भी बनाती है। इस यंत्र की सहायता से खेत में 5 से 6 सेंटीमीटर ऊपर फसल की कटाई आसानी से की जा सकती है। इस यंत्र के कारण भुसे का नुकसान नहीं होता है। रीपर कंबाइंडर मशीन बड़े किसानों के साथ-साथ छोटे किसानों के लिए काफी उपयोगी है।

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