लोकसभा में जी राम जी बिल पास हुआ, विपक्ष ने सदन में कागज फाड़कर फेंका

18 दिसंबर को लोकसभा में ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल, 2025’ (VB-G RAM G बिल) भारी हंगामे के बीच पास हो गया। विपक्ष ने इसे व्यंग्यात्मक रूप से ‘जी राम जी बिल’ कहकर तीखा विरोध किया और सदन में बिल की प्रतियों को फाड़कर कागज के टुकड़े और हवाई जहाज बनाकर फेंक दिए। इससे सदन का माहौल इतना गरम हो गया कि कार्यवाही कल (19 दिसंबर) तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। अब यह बिल राज्यसभा में पेश होगा।
बिल क्या है और इसके मुख्य प्रावधान?
यह बिल महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बदलने का प्रस्ताव करता है। सरकार का दावा है कि यह ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को मजबूत करेगा। मुख्य प्रावधान:

रोजगार की गारंटी: 100 दिनों के बजाय 125 दिन का रोजगार ग्रामीण परिवारों को मिलेगा।
बजट: 1.51 लाख करोड़ रुपये का आवंटन।
राज्यों की भूमिका: केंद्र 60% फंड देगा, राज्यों पर 40% बोझ डालेगा। तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाकर भ्रष्टाचार रोका जाएगा।
उद्देश्य: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, महिलाओं, किसानों और वंचितों के लिए बेहतर अवसर।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “यह बिल बापू के सपनों को साकार करने वाला है। गांधी जी हमारे दिलों में बसते हैं। हमने मनरेगा पर UPA से चार गुना ज्यादा खर्च किया है। विपक्ष विकास का विरोध कर रहा है।”
विपक्ष का विरोध क्यों?
विपक्ष (कांग्रेस, तृणमूल, सपा, डीएमके आदि) ने इसे ‘मनरेगा की हत्या’ बताया। मुख्य आपत्तियाँ:

नाम बदलना: मनरेगा से ‘महात्मा गांधी’ का नाम हटाना गांधी जी का अपमान। प्रियंका गांधी ने कहा, “नाम बदलने की यह सनक समझ नहीं आती। इसमें बेवजह खर्चा होता है। मनरेगा ने गरीबों को 100 दिन का अधिकार दिया था।” शशि थरूर ने कहा, “राम का नाम बदनाम न करो। गांधी का रामराज्य सामाजिक न्याय का मॉडल था।”
वित्तीय बोझ: राज्यों पर 40% खर्च डालना संघीय ढांचे का उल्लंघन।
जल्दबाजी: बिल को स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमिटी) के पास भेजने की मांग, लेकिन सरकार ने खारिज कर दिया।
अन्य: अधिकार-आधारित गारंटी कमजोर होगी, ग्रामीणों के हितों पर चोट। विपक्ष ने संसद परिसर में मार्च भी निकाला।

सदन में क्या हुआ?

बहस 14 घंटे चली, 98 सांसदों ने हिस्सा लिया।
विपक्ष ने बिल की कॉपियाँ फाड़ीं, कागज फेंके (यहाँ तक कि कृषि मंत्री शिवराज पर भी)।
भाजपा ने पलटवार किया: “कांग्रेस ने पहले जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला था, तब क्या अपमान नहीं था?” अनुराग ठाकुर ने कहा, “यह बिल हाशिए पर लोगों के लिए है।”

  • Related Posts

    ट्रेनें रद्द होने पर चिराग पासवान बोले, ‘युवाओं को कोई नहीं रोक सकता प्रभु’

    कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से पहले कई…

    Continue reading
    यूपी में SIR में चुनाव आयोग के सॉफ़्टवेयर ने खुद बना डाले 85,854 वोटर-डिलीशन फ़ॉर्म!

    ‘द रिपोर्टर्स कलेक्टिव’ का खुलासा, मुख्य चुनाव आयुक्त…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    पानी की किल्लत से जूझ रही झुग्गी बस्तियों की महिलाएं 15 अक्टूबर को नोएडा प्राधिकरण का घेराव करेंगी

    पानी की किल्लत से जूझ रही झुग्गी बस्तियों की महिलाएं 15 अक्टूबर को नोएडा प्राधिकरण का घेराव करेंगी

    यूपी के ग्राम प्रहरियों को योगी सरकार की दोहरी सौगात, दिया खास तोहफा!

    यूपी के ग्राम प्रहरियों को योगी सरकार की दोहरी सौगात, दिया खास तोहफा!

    क्या सरकार को भी बर्खास्त कर सकते हैं CJI सूर्यकांत!

    क्या सरकार को भी बर्खास्त कर सकते हैं CJI सूर्यकांत!

    त्योहारों के मौसम में जनजीवन और व्यापार की रक्षा के लिए प्रदर्शन दिसंबर तक स्थगित करने की अपील

    त्योहारों के मौसम में जनजीवन और व्यापार की रक्षा के लिए प्रदर्शन दिसंबर तक स्थगित करने की अपील

    उत्तर प्रदेश में ‘ज्ञानेश हटाओ, एस आई आर रद्द करो’ आंदोलन का ऐलान

    उत्तर प्रदेश में ‘ज्ञानेश हटाओ, एस आई आर रद्द करो’ आंदोलन का ऐलान

    23 अक्टूबर को पुलिस दमन के खिलाफ दिल्ली में उतरेंगे देशभर के किसान!

    23 अक्टूबर को पुलिस दमन के खिलाफ दिल्ली में उतरेंगे देशभर के किसान!